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Israel-Hamas War: हमास नेता इस्माइल हानिया को तेहरान में कैसे बनाया गया निशाना, इरान ने बताया पूरा प्लान

Israel-Hamas War: हमास नेता इस्माइल हनिया के आवास को निशाना बनाने के लिए सात किलोग्राम के हथियार से लैस रॉकेट का सहारा लिया गया था। इस संबंध में रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जानकारी दी।

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इस्माइल हानिया को कैसे बनाया गया निशाना, ईरान ने दी जानकारी

Photo : Twitter

Ismail Hania: ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने शनिवार को कहा कि इजराइल ने छोटी दूरी के रॉकेट से हमास नेता इस्माइल हनिया को निशाना बनाया। उसने अमेरिका पर इस हमले में इजराइल का समर्थन करने का आरोप भी लगाया। सरकारी टेलीविजन चैनल पर प्रसारित बयान में रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हनिया की मौत का बदला लेने का आह्वान दोहराया। उसने कहा कि बुधवार को राजधानी तेहरान में हमास के राजनीतिक प्रमुख हनिया के आवास को निशाना बनाने के लिए सात किलोग्राम के हथियार से लैस रॉकेट का सहारा लिया गया।

रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दी हमले की पूरी जानकारी

रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हमले से बड़े पैमाने पर तबाही मचने का दावा किया। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि तेहरान में हनिया का आवास कहां था। हनिया ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए ईरान में था। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि जायोनी शासन ने हमले की योजना बनाई और इसे अंजाम तक पहुंचाया। इस काम में अमेरिका ने उसका साथ दिया। उसने धमकी दी कि युद्धोन्मादी और आतंकवादी जायोनी शासन को उचित समय, स्थान और पैमाने पर कठोर सजा मिलेगी।

इजराइल ने हनिया की हत्या में न तो अपनी भूमिका होने से इनकार किया है, न ही इसे स्वीकार किया है। हालांकि, उसने पिछले साल सात अक्टूबर को उसके दक्षिणी क्षेत्र में हुए अप्रत्याशित हमले के बाद हनिया और अन्य हमास नेताओं को मार गिराने का संकल्प लिया था। हनिया की हत्या से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संघर्ष छिड़ने और तेहरान के जवाबी कार्रवाई करने की सूरत में इजराइल तथा ईरान के सीधी लड़ाई में उलझने की आशंका बढ़ गई है। अप्रैल में ईरान ने इजराइल को सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश की थी। हालांकि, इजराइल ने इनमें से 99 फीसदी हमलों को नाकाम करने का दावा किया था। ईरान इजराइल को मान्यता नहीं देता है। वह इजराइल विरोधी उग्रवादी समूहों-फलस्तीन के हमास और लेबनाना के हिजबुल्लाह का समर्थन करता है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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