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युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार गाजा में होगी ईंधन ट्रक की एंट्री, जानें IDF का पूरा प्लान

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  • Updated Nov 15, 2023, 11:18 PM IST

Israel Hamas War Updates: आईडीएफ ने युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार ईंधन ट्रक को गाजा में प्रवेश की अनुमति दे दी है। गाजा पट्टी को जीवन के न्यूनतम कामकाज के लिए प्रावधानों, सहायता सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के प्रतिदिन न्यूनतम 500 ट्रकों की जरूरत होती है।

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इजराइल ने गाजा में ईंधन ट्रक को प्रवेश करने की अनुमति दी।

Photo : AP

Israel News: इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने अंतर्राष्ट्रीय सहायता संगठनों के आक्रोश के बीच युद्ध शुरू होने के बाद मिस्र से गाजा पट्टी में 20,000 लीटर से अधिक डीजल ले जाने वाले पहले ईंधन ट्रक को प्रवेश करने की अनुमति दी है। संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (यूएनडब्ल्यूआरए) के सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि ईंधन केवल संयुक्त राष्ट्र के उपयोग के लिए है, अस्पताल के उद्देश्यों के लिए नहीं। गाजा में यूएनआरडब्ल्यूए के निदेशक, थॉमस व्हाइट ने 'एक्स' पर पोस्ट किया कि उसे ईंधन प्राप्त हुआ।

संयुक्त राष्ट्र ने ईंधन को लेकर दी थी ये चेतावनी

यूएनआरडब्ल्यूए के अनुसार, ईंधन की कमी के कारण अस्पतालों, जल उपचार संयंत्रों, सीवेज हटाने और यहां तक कि संचार में भी खराबी आ गई है। यूएनआरडब्ल्यूए गाजा में मानवीय सहायता कार्य में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी थी कि उसे गाजा में मानवीय अभियान रोकना होगा, क्योंकि वहां ईंधन खत्म हो रहा है।

रोजाना कम से कम 500 ट्रकों की होती है जरूरत

यूएनआरडब्ल्यूए के कार्यकारी निदेशक, संचार, तमारा अल रिफाई ने आईएएनएस को बताया कि गाजा पट्टी को जीवन के न्यूनतम कामकाज के लिए प्रावधानों, सहायता सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के प्रतिदिन न्यूनतम 500 ट्रकों की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि गाजा को प्रतिदिन लगभग 30 ट्रक ही मिल रहे थे, जो अपर्याप्त था।

सैनिकों की कड़ी जांच से गुजरेंगे ईंधन ट्रक

संयुक्त राष्ट्र सहायता एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि ईंधन ले जाने वाले दो और ट्रक राफा क्रॉसिंग के बाहर खड़े हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इन ट्रकों को गाजा पट्टी में कब जाने की अनुमति दी जाएगी। गौरतलब है कि राफा सीमा पार करने वाले ट्रकों को आईडीएफ सैनिकों की कड़ी जांच से गुजरना होगा, जिससे संयुक्त राष्ट्र राहत केंद्रों और गोदामों तक सहायता सामग्री पहुंचाने में काफी समय लगेगा।

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