इजराइल और हमास के बीच संघर्ष विराम के बीच एक बार फिर दक्षिणी गाजा में तनाव भड़क उठा है। रविवार को इजराइल ने हमास के ठिकानों पर हवाई और तोपों से हमला किया। इजराइली सेना का दावा है कि यह कार्रवाई उस गोलीबारी के जवाब में की गई है, जो उस क्षेत्र से की गई थी जो अब भी 10 अक्टूबर के युद्धविराम समझौते के तहत इजराइली नियंत्रण में है।
इजराइली रक्षा बल (IDF) ने कहा कि हमले में इजराइली विमानों और तोपखाने ने हिस्सा लिया और उन ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से उनके सैनिकों पर गोलीबारी की गई थी। सेना का कहना है कि वह युद्धविराम की शर्तों का पालन कर रही है, लेकिन उस पर हमला होने की स्थिति में जवाब देना उसकी जिम्मेदारी है।
इस घटनाक्रम के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ आपात बैठक की और सेना को निर्देश दिया कि किसी भी युद्धविराम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। हालांकि, नेतन्याहू ने सीधे युद्ध की वापसी की बात नहीं कही है, जिससे संकेत मिलता है कि इजराइल अब इजराइल ने युद्धविराम तोड़ने का आरोप हमास पर लगाया है, लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई के संकेत नहीं मिले हैं। फिर भी, क्षेत्र में बढ़ते तनाव और बार-बार हो रही घटनाओं से हालात नाजुक बने हुए हैं।भी कूटनीतिक रास्ता खुला रखना चाहता है।
वहीं, हमास ने इस झड़प में अपनी संलिप्तता से इनकार करते हुए कहा है कि राफा क्षेत्र में हुई किसी भी कार्रवाई में उसका कोई हाथ नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में मिस्र और कतर की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम समझौते को स्थिर रखने की कोशिशें जारी हैं।
गौरतलब है कि 10 अक्टूबर को हुए संघर्ष विराम के तहत गाजा के कई इलाकों में संघर्ष थमा था, और इजराइल ने कुछ सीमित क्षेत्रों में अपनी सेना को तैनात रखा था। लेकिन अब, ताजा हिंसा ने एक बार फिर से उस युद्धविराम की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
