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खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी बैंकों पर फिर होंगे हमले- ईरान की धमकी, कहा- अगर हम निशाना बने तो पलटवार होगा

ईरान जंग में पहले ही तेल सप्लाई पर पूरी दुनिया में असर पड़ा है। अब वित्तीय संस्थान भी इस जंग की जद में आ रहे हैं। अमेरिका-इजराइल के हमले के बाद ईरान ने धमकी दी है कि अगर ये हमले नहीं रुके तो वो भी खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिका के वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाते रहेगा।

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ईरान का UAE पर हमला (फोटो- AP)

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी जंग अब उन ढांचों को निशाना बनाने लगी है, जिससे पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है। तेल सप्लाई पर एक के बाद एक अटैक हो ही रहे थे, अब वित्तीय संस्थानों पर भी हमले होने लगे हैं। ईरान ने धमकी दी है कि् अगर अमेरिकी, ईरानी वित्तीय संस्थानों पर हमले जारी रखेगा तो वो भी पलटवार करेगा।

अमेरिकी बैंक शाखाओं को चेतावनी

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इज़राइल ने ईरानी बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर हमले जारी रखे, तो खाड़ी क्षेत्र में काम कर रही अमेरिकी बैंकों की शाखाएं भी निशाने पर आ सकती हैं। आईआरजीसी के प्रवक्ता नाएनी ने शनिवार को कहा कि अगर “दुश्मन अपनी गलती दोहराता है” और ईरान के बैंकिंग ढांचे पर फिर हमला करता है, तो क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी बैंक शाखाएं वैध लक्ष्य बन जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में पड़ोसी देशों में अमेरिकी बैंकों की शाखाओं पर किए गए हमले दरअसल अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरानी बैंकों पर की गई कार्रवाई के जवाब में थे।

ईरानी बैंकों पर हुए थे हमले

रिपोर्ट के अनुसार, इस सप्ताह ईरान के दो बैंकों पर हमले हुए, जिनमें देश के सबसे पुराने और बड़े बैंकों में से एक बैंक सेपाह के कार्यालय भी शामिल थे। इन हमलों में कई कर्मचारियों की मौत हो गई और कुछ समय के लिए ऑनलाइन तथा ऑफलाइन बैंकिंग सेवाएं भी बाधित हो गईं। विश्लेषकों का मानना है कि नागरिक ढांचे पर ऐसे हमलों का उद्देश्य ईरान में रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करना और घरेलू असंतोष बढ़ाना हो सकता है।

क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियां भी बन सकती हैं निशाना

ईरानी अधिकारियों ने पहले भी कहा है कि यदि अमेरिका या इजराइल नागरिक ढांचे पर हमले करते हैं, तो ईरान भी उसी तरह जवाब देगा। ऐसे में खाड़ी क्षेत्र के कई अरब देशों में मौजूद अमेरिकी कंपनियां और संपत्तियां संभावित निशाने पर आ सकती हैं।

औद्योगिक परिसंपत्तियों को भी खाली करने की चेतावनी

आईआरजीसी ने यह भी कहा है कि क्षेत्र में अमेरिका से जुड़ी औद्योगिक संपत्तियों को खाली कर दिया जाना चाहिए। ईरान का आरोप है कि पिछले 48 घंटों में गैर-सैन्य कारखानों पर हुए हमलों में कई नागरिक मजदूरों की मौत हुई है। ईरान की इस चेतावनी से साफ है कि मौजूदा संघर्ष अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आर्थिक और नागरिक ढांचे तक भी फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है।

28 फरवरी से शुरू हुआ टकराव

मौजूदा टकराव 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारी और कमांडर मारे गए थे। इसके बाद से ईरानी सेना रोजाना मिसाइल और ड्रोन हमले कर रही है, जिनका निशाना इज़राइल के नियंत्रण वाले इलाके और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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