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Iraq: न समुद्र न हवा, इराक ने निकाला होर्मुज का ऐसा विकल्प, लाखों बैरल तेल सीधे पहुंच गया विदेशी रिफाइनरी

Iraq Hormuz Alternative: इराक ने होर्मुज का विकल्प खोज निकाला है। इराक अब समुद्र के बजाय जमीनी रास्ते से सीधे विदेश कच्चा तेल भेज रहा है।

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इराक ने जमीन के रास्ते सीरिया भेजना शुरू किया तेल (फाइल फोटो- AP)

Iraq Hormuz Alternative: इराक, गृहयुद्ध में उलझा हुआ देश, कभी दुनिया भर में तेल सप्लाई करने वाला यह देश आज की तारीख में अंदर और बाहर दोनों ओर से उलझा है, लेकिन इसने होर्मुज का एक ऐसा विकल्प निकाल लिया है, जिसे अरब के देश भी हैरान है। इराक ने अपने तेल के निर्यात के लिए एक ऐसे रास्ते को खोल डाला है, जो पिछले 14 सालों से भी अधिक समय से बंद था। अल-यारुबियाह बॉर्डर क्रॉसिंग, इसी नाम से इस रास्ते को जाना जाता है, जिसे इराकी राबिया (Rabia) कहते हैं।

ईरान जंग से परेशान इराक ने निकाला होर्मुज का तोड़

ईरान के साथ जब अमेरिका और इजराइल की जंग शुरू हुई और ईरान ने होर्मुज को पूरी तरह से जब बंद कर दिया, अरब देशों की तरह इराक के सामने भी ये संकट पैदा हो गया कि वो अपना तेल कहां से निकाले, जब होर्मुज का सामाधान नहीं निकला तब इराक ने एक तोड़ निकाला और वो न तो कोई समुद्री मार्ग था और न ही हवाई, बल्कि ये एक जमीनी मार्ग था। उसने अल-यारुबियाह बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए तेल की सप्लाई शुरू कर दी।

क्या है अल-यारुबियाह बॉर्डर क्रॉसिंग?

अल-यारुबियाह बॉर्डर क्रॉसिंग इराक और सीरिया के बीच का एक रास्ता है, जो इराक के निनवे प्रांत को सीरिया के अल-हसाका प्रांत से जोड़ता है। कभी यह रास्ता आबाद हुआ करता था, सीरिया और इराक के बीच इसी रास्ते से व्यापार होता था, दुनिया को इराक अपना माल भेजता था, लेकिन 2011 में स्थितियां बदलीं, सीरिया में गृहयुद्ध होने शुरू हुआ। जिसके बाद यह रास्ता बंद कर दिया गया।

IS का कब्जा और फिर कुर्द बलों के साथ जंग

2011 के बाद अल-यारुबियाह बॉर्डर क्रॉसिंग के आसपास इस्लामिक स्टेट मजबूत हुआ और उसने इसपर 2014 में कब्जा कर लिया। व्यापार या तो ठप हो या फिर इस्लामिक स्टेट (IS) के हिसाब से हुआ। लेकिन खेल फिर पलटा, इराकी कुर्द बल यहां घुसे और उन्होंने अल-यारुबियाह बॉर्डर क्रॉसिंग पर फिर से कब्जा कर लिया।

इराक कैसे कर रहा है तेल को निर्यात?

इराक अपने तेल ट्रक वाले टैंकरों में भरकर अल-यारुबियाह बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए सीरिया भेज रहा है। जहां बनियास रिफाइनरी में यह तेल पहुंच रहा है। इराक 70 से 100 टैंकर कच्चा तेल इस रिफाइनरी में भेज चुका है और कई टैंकर रास्ते में हैं।

बनियास रिफाइनरी कहां है?

बनियास रिफाइनरी, भूमध्य सागर पर तरतस के उत्तर में स्थित है, बनियास रिफाइनरी का मालिक खुद सीरियाई सरकार है। इसकी प्रतिदिन की क्षमता 135,000 बैरल है। इराकी तेल के आने बाद यह प्रतिदन 500 टैंकरों के सा अपनी उच्चतम क्षमता पर काम कर रहा है और कच्चे तेल को रिफाइन कर रहा है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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