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ट्रंप की धमकियों के बीच अब्बास अराघची जिनेवा रवाना, ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता का दूसरा दौर

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची परमाणु वार्ता के दूसरे क्रम के लिए जिनेवा दौरे पर हैं। यहां वे अपने स्विस और ओमानी समकक्षों से मुलाकात करेंगे। ट्रंप की धमकियों के बीच इस वार्ता पर पूरी दुनिया की निगाहे हैं।

Iran FM Abbas Araghchi, US President Donald Trump,

ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता।

वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार देर रात जिनेवा के लिए रवाना हो गए हैं। जहां मंगलवार को अमेरिका के साथ दूसरे दौर की अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता होगी। इस वार्ता की मध्यस्थता ओमान कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी दी।

जिनेवा में होगी दूसरे दौर की वार्ता

जिनेवा दौरे के दौरान अराघची अपने स्विस और ओमानी समकक्षों से मुलाकात करेंगे। साथ ही वे अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी और अन्य अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों से भी बातचीत करेंगे। स्विट्जरलैंड लंबे समय से ईरान में अमेरिकी हितों का प्रतिनिधित्व करता रहा है। दरअसल, 1980 के बंधक संकट के बाद दोनों देशों के राजनयिक संबंध टूट गए थे।

दोनों पक्षों के बीच यह बातचीत 6 फरवरी को मस्कट में हुए पहले दौर के बाद हो रही है,जब कई महीनों के ठहराव के बाद तेहरान और वाशिंगटन ने संवाद फिर से शुरू किया था। दोनों देशों के बीच पिछली वार्ताएं तब बेकार हो गई थीं जब जून 2025 में इजरायल ने ईरान पर बमबारी कर दी थी और फिर 12 दिन का संघर्ष छिड़ गया था। इस दौरान अमेरिका ने भी ईरान पर हमले किए थे।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बढ़ा

यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने अपनी परमाणु गतिविधियां सीमित नहीं कीं तो सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। वहीं,ईरान ने कहा है कि किसी भी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। खाड़ी देशों ने भी आगाह किया है कि हालात बिगड़ने पर व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष छिड़ सकता है।

सभी यूरेनियम संवर्धन गतिविधियां बंद करे ईरान- ट्रंप की मांग

ट्रंप प्रशासन की मांग है कि ईरान सभी यूरेनियम संवर्धन गतिविधियां बंद करे,जिसे तेहरान ने अस्वीकार कर दिया है। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है,हालांकि उसने अतीत में 60% शुद्धता तक यूरेनियम संवर्धन किया है,जो हथियार-ग्रेड स्तर के करीब माना जाता है।

फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार,ईरान ऐसे समझौते की तलाश में है जिससे दोनों देशों को आर्थिक लाभ मिल सके, विशेषकर विमानन,खनन और तेल-गैस क्षेत्रों में। ईरानी उप विदेश मंत्री हमीद गनबरी ने कहा कि समझौता तभी टिकाऊ होगा जब अमेरिका को भी त्वरित आर्थिक लाभ की संभावना दिखे।अब जिनेवा वार्ता पर अंतरराष्ट्रीय नजरें टिकी हैं,क्योंकि इससे क्षेत्रीय स्थिरता और ईरान-अमेरिका संबंधों की दिशा तय हो सकती है।

शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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