US Iran Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की उम्मीद एक बार फिर समाप्त हो गई। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल शनिवार शाम को इस्लामाबाद से रवाना हो गया। पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा था, लेकिन उसे एक बार फिर से मुंह की खानी पड़ी। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी साफ कर दिया कि अब वह अपने प्रतिनिधिमंडल को नहीं भेजेंगे।
अब्बास अराघची की दिनभर पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकों के बाद यह दौरा समाप्त हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के नेताओं को अमेरिका और इजरायल के लिए मांगों की एक आधिकारिक सूची सौंपी और उसके बाद इस्लामाबाद से निकल गए। बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के समाधान के लिए ईरान ने अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं।
शहबाज के घर हुई हाई लेवल बैठक
ईरानी प्रतिनिधिमंडल के रवाना होने से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आवास पर एक हाई लेवल बैठक की, जो करीब दो घंटे तक चली। इसमें पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर, उपप्रधानमंत्री इशाक डार और गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका से मिलने के लिए तैयार नहीं था, जबकि ट्रंप के दूत पाकिस्तान के लिए रवाना होने वाले थे। हालांकि, बाद में ट्रंप ने अपने दोनों दूत की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद से रवाना
ट्रंप के विशेष दूत की PAK यात्रा रद्द
इस बीच, ट्रंप ने फॉक्स न्यूज की व्हाइट हाउस संवाददाता आयशा हसनी को बताया कि अमेरिका के वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अब ईरान के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान नहीं जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का 18 घंटे की उड़ान भरकर पाकिस्तान जाना फिजूल है, जबकि ईरान के साथ इस विवाद में सारे पत्ते अमेरिका के ही हाथ में हैं।
ट्रंप के विशेष दूत की PAK यात्रा रद्द
इस बीच, ट्रंप ने फॉक्स न्यूज की व्हाइट हाउस संवाददाता आयशा हसनी को बताया कि अमेरिका के वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अब ईरान के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान नहीं जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का 18 घंटे की उड़ान भरकर पाकिस्तान जाना फिजूल है, जबकि ईरान के साथ इस विवाद में सारे पत्ते अमेरिका के ही हाथ में हैं।
ट्रंप ने कहा कि ईरान जब चाहें, अमेरिका को फोन कर सकता है। उन्होंने कहा, ''मैंने कुछ देर पहले ही अपने लोगों से कहा कि वहां जाने के लिए 18 घंटे की उड़ान नहीं भरोगे। सारे पत्ते हमारे हाथ में हैं। वह जब चाहें हमें फोन कर सकते हैं, लेकिन तुम अब और 18 घंटे की उड़ान भरकर वहां जाकर बेकार की बातों पर चर्चा करवे के लिए नहीं बैठोगे।''
