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डेढ़ माह से 'ड्रैगन' था खामोश, अब होर्मुज खुलवाने की करने लगा बात; गले लगाने को बेताब दिख रहे ट्रंप!

Iran US War: ईरान का करीबी सहयोगी और उसके तेल का सबसे बड़ा आयातक चीन भी अमेरिकी नाकेबंदी से बढ़ते ऊर्जा संकट को लेकर चिंतित है। इस नाकेबंदी के कारण ईरान के बंदरगाहों से तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

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चीन ने ईरान से कहा खोल दो होर्मुज।

Iran US War: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा है। तेहरान के अमेरिका के साथ युद्ध के दौरान इस अहम समुद्री मार्ग को लगभग बाधित करने के बीच बीजिंग की ओर पहली बार ऐसी अपील आई है। वांग यी ने बुधवार को अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत के दौरान अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता और सुरक्षा की गारंटी भी मांगी।

ईरान में हैं फील्ड मार्शल आसिम मुनीर

वांग की यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान का एक मध्यस्थता प्रतिनिधिमंडल बुधवार को तेहरान पहुंचा, जहां उसने इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता के लिए नए शांति प्रस्तावों पर चर्चा की।

ईरान का करीबी सहयोगी और उसके तेल का सबसे बड़ा आयातक चीन भी अमेरिकी नाकेबंदी से बढ़ते ऊर्जा संकट को लेकर चिंतित है। इस नाकेबंदी के कारण ईरान के बंदरगाहों से तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित लगभग 55 किलोमीटर चौड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल व्यापार होता है। इस जलडमरूमध्य को खोलना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रमुख मांगों में से एक है, इसके साथ ही वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की भी मांग कर रहे हैं।

चीन ने कहा- ईरान की संप्रभुता का रखा जाए ध्यान

चीनी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार वांग यी ने अराघची से कहा, ’’वर्तमान स्थिति संघर्ष और शांति के बीच एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है और शांति के लिए एक अवसर खुल रहा है।उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के तटीय देश के रूप में ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और वैध अधिकारों व हितों का सम्मान और संरक्षण किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि इसके साथ ही जलडमरूमध्य से अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और वहां सामान्य आवागमन बहाल करने के प्रयास अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा मांग है।

तेहरान को चीन से है ये आस

हांगकांग स्थित ’साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की खबर के मुताबिक, अराघची ने कहा कि तेहरान को उम्मीद है कि चीन शांति स्थापित करने और संघर्ष समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान शांतिपूर्ण वार्ता के जरिए एक व्यावहारिक और तार्किक समाधान खोजने के लिए तैयार है।

इससे पहले इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता का पहला दौर स्थायी समाधान के उद्देश्य से हुआ था, लेकिन परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे जटिल मुद्दों पर मतभेद बने रहने के कारण कोई समझौता नहीं हो सका। इसके बाद अमेरिका ने नाकेबंदी लागू की। चीन ने की अमेरिकी नाकेबंदी की कड़ी आलोचना

चीनी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को अमेरिकी नाकेबंदी की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ’’खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना’’ बताया और कहा कि इससे तनाव बढ़ने तथा नाजुक युद्धविराम कमजोर पड़ने का खतरा है।

राष्ट्रपति शी मुझे कसकर गले लगा लेंगे- ट्रंप

इससे पहले बीते दिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ पर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा है कि चीन प्रसन्न होगा कि वो "होर्मुज को हमेशा के लिए खोल रहे हैं। ट्रंप कहा कि वे ईरान को हथियार न भेजने पर राजी हो गए हैं। जब मैं कुछ हफ्तों में वहां पहुंचूंगा तो राष्ट्रपति शी मुझे कसकर गले लगा लेंगे। हम साथ मिलकर स्मार्ट तरीके से और बहुत अच्छे से काम कर रहे हैं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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