क्या ईरान पर स्ट्राइक करेगा US? अबतक 2500 से ज्यादा मौतें; विशेषज्ञ बोले- इजरायल से हमला करा सकता है अमेरिका
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Jan 14, 2026, 11:06 PM IST
Iran Unrest: ईरान में दिन-प्रतिदिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं। दशकों से सत्ता संभाल रहे धार्मिक लीडर अली खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। इस बीच, ईरान को अमेरिकी हमलों का डर सता रहा है। इस पर मिडिल ईस्ट के विशेषज्ञ सईद नकवी ने अंदाजा लगाया कि अमेरिका ईरान पर इजरायल से हमला कर सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका अंदाजा गलत भी हो सकता है।
ईरान को सता रहा अमेरिकी हमलों का डर (फोटो साभार: AP)
Iran Unrest: ईरान में दिन-प्रतिदिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं। दशकों से सत्ता संभाल रहे धार्मिक लीडर अली खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलेआम प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का कहा कि वह अपना आंदोलन जारी रखें। हालांकि, इन प्रदर्शनों में अब तक 2500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।
ईरान को सता रहा अमेरिकी हमलों का डर
इस बीच, ईरान को अमेरिकी हमलों का डर भी सता रहा है। इस मामले को लेकर मिडिल ईस्ट के जानकारी और वरिष्ठ पत्रकार सईद नकवी का मानना है कि ईरान पर अमेरिका खुद हमला नहीं करेगा, बल्कि वह इजरायल से करा सकता है। टाइम्स नाउ के सुमित अवस्थी के साथ खास बातचीत में सई नकवी ने कहा, ''अमेरिका अगर इजरायल से हमला करवा दें तो दूसरी बात है... वर्तमान में जो माहौल बनाया जा रहा है, वह सिर्फ बिल्डअप किया जा रहा है, ताकि ईरान की सड़कों पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को और अधिक बल मिले और प्रदर्शनकारियों की हिम्मत बढ़ती रहे।''
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका यह कैलकुलेशन गलत भी हो सकता है, लेकिन उनका अंदाजा यही है कि ये दोनों हमले (सीधे तौर पर) नहीं होंगे।
सख्त सजा देगा ईरान
ईरान ने प्रदर्शनकारियों को सख्त सजा देने के संकेत दिए। ईरान के प्रधान न्यायाधीश ने सरकार विरोधी राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ त्वरित सुनवाई और फांसी की सजा का संकेत दिया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि मृत्युदंड दिये जाने की स्थिति में वह 'बहुत कड़ी कार्रवाई' करेंगे।
अमेरिका स्थित 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी' ने बताया कि कम से कम 2,571 लोगों की मौत हो गई है। यह आंकड़ा दशकों में ईरान में हुए किसी भी विरोध प्रदर्शन या अशांति में हुई मौतों की संख्या से कहीं अधिक है और देश की 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान फैली अराजकता की याद दिलाता है।