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इजरायल की न्यूक्लियर सिटी 'डिमोना' पर ईरान का हमला, बच्चे सहित 47 लोग घायल; क्यों कहते हैं इसे 'लिटिल इंडिया?'

US Iran War: ईरान के मिसाइल हमले में डिमोना शहर में कम से कम 47 लोग घायल हो गए। यह हमला इजरायल के परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास हुआ, हालांकि किसी तरह के रेडिएशन लीक की पुष्टि नहीं हुई है। घायलों में एक 12 साल का बच्चा गंभीर हालत में है। राहत एजेंसी मागेन डेविड एडोम और इजरायल डिफेंस फोर्सेस ने बताया कि मिसाइल को इंटरसेप्ट करने की कोशिश की गई, लेकिन एयर डिफेंस सिस्टम असफल रहा। डिमोना को “लिटिल इंडिया” भी कहा जाता है क्योंकि यहां बड़ी संख्या में भारतीय मूल के यहूदी रहते हैं।

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ईरान ने इजरायल के शहर अराद और डिमोना को बनाया निशाना। द टाइम्स ऑफ इजरायल

Photo : AP

US Iran War: इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच अब परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इजरायली सेना (IDF) ने पुष्टि की है कि शनिवार को ईरान ने अराद और डिमोना (Dimona) शहर पर हमले किए। इजरायली सेना ने कहा कि ईरान ने मिसाइल के जरिए डिमोना शहर पर हमला किया। इस हमले में 47 लोग घायल हो गए। डिमोना शहर में इजरायल का अत्यंत संवेदनशील परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है।

बता दें कि हाल ही में इजरायल ने ईरान के परमाणु केंद्र नतांज पर एयर स्ट्राइक की थी। अब अराद और डिमोना में हुए मिसाइल हमले को इसी के पलटवार के रूप में देखा जा रहा है। इजरायल के सेना प्रमुख जनरल एयाल जमीर ने कहा, “यह युद्ध अभी खत्म होने से बहुत दूर है।” वहीं ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने जताई चिंता

इसी बीच, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा कि वह नतांज और इजरायल के परमाणु केंद्र पर हुए हमलों की जांच कर रही है। फिलहाल किसी भी जगह से असामान्य रेडिएशन की पुष्टि नहीं हुई है।

कई बच्चे भी घायल

बता दें कि डिमोना शहर में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के यहूदी रहते हैं, जिसके चलते इसे “लिटिल इंडिया” भी कहा जाता है। राहत एजेंसी मागेन डेविड एडोम (MDA) के अनुसार, घायलों में एक 12 साल का बच्चा भी शामिल है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

वह शरपनल (मिसाइल के टुकड़ों) की चपेट में आ गया। इसके अलावा, 30 साल की एक महिला कांच के टुकड़ों से घायल हुई, जबकि 31 अन्य लोगों को हल्की चोटें आईं या वे भागते समय गिरकर घायल हो गए। करीब 14 लोगों को मानसिक आघात (एंग्जायटी) के चलते सोरोका हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, मिसाइल एक कम्युनिटी बिल्डिंग पर गिरी, जिससे आसपास के पुराने घर ढह गए। “ज्यादातर लोग शेल्टर में थे, इसलिए बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन एक बच्चा बाहर रह गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।”

मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहे डिफेंस सिस्टम

इजरायली सेना इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने माना कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइल को रोकने में असफल रही। सेना ने कहा कि इंटरसेप्टर सक्रिय किए गए थे, लेकिन वे मिसाइल को गिराने में नाकाम रहे। “इस घटना की जांच की जाएगी,” सेना ने बयान में कहा।

‘लिटिल इंडिया’ क्यों है डिमोना?

डिमोना शहर में करीब 7,500 भारतीय मूल के यहूदी रहते हैं, जो यहां की आबादी का लगभग 30 प्रतिशत हैं। इनमें से अधिकतर लोग महाराष्ट्र से जुड़े हैं और आज भी भारत से गहरा सांस्कृतिक रिश्ता बनाए रखते हैं।

शहर की गलियों में मराठी भाषा सुनाई देती है और यहां कई भारतीय दुकानें हैं, जहां ‘सोनपापड़ी’, ‘गुलाब जामुन’, ‘भेलपुरी’ और ‘पापड़ी चाट’ जैसे लोकप्रिय भारतीय स्नैक्स आसानी से मिल जाते हैं। क्रिकेट भी यहां के युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। इस हमले ने न केवल इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि भारत से जुड़े इस खास समुदाय को भी गहरे झटके दिए हैं।

इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब परमाणु ठिकानों तक पहुंच गया है. नतांज पर पर इजरायली हमले के बाद अब ईरान ने जबरदस्त पलटवार किया है. इजरायली सेना (IDF) ने पुष्टि की है कि शनिवार को ईरान द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजरायल के अराद और डिमोना (Dimona) शहर पर हमले कर दिए। शनिवार को ही अमेरिका-इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े परमाणु केंद्र नतांज पर एयरस्ट्राइक की थी और अब अराद और डिमोना में हुए मिसाइल हमले को इसी के पलटवार के रूप में देखा जा रहा है।

गौर करने वाली बात ये है कि डिमोना शहर में इजरायल का अत्यंत संवेदनशील परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है। इजरायल की आपातकालीन चिकित्सा सेवा, मैगन डेविड एडम (MDA) के अनुसार, हमले के तुरंत बाद उनकी टीमें राहत कार्य में जुट गई हैं।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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