हांगकांग के बाद अब इंडोनेशिया के जाकार्ता में एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना सामने आई है। यहां के केमायोरन इलाके में मंगलवार दोपहर एक सात मंजिला ऑफिस बिल्डिंग में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 22 लोगों की मौत हो गई।
तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई गई। इमारत से कम से कम 22 शव बरामद किए गए। इनमें सात पुरुष और 15 महिलाएं है। इनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल है। सभी शवों को पहचान के लिए पूर्वी जकार्ता के पुलिस अस्पताल ले जाया गया।
हादसे में जीवित बचे दिमित्री ने बताया कि संदेह है कि शॉर्ट सर्किट या ड्रोन की बैटरी में थर्मल फेलियर के कारण विस्फोट हुआ और आग लग गई।
अधिकारियों ने बताया कि आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन इमारत के भीतर राहत और खोजबीन अभियान लगातार जारी है। सेंट्रल जकार्ता पुलिस प्रमुख सुसात्यो पुरनोमो कोंड्रो ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
पहली मंजिल से फैला आग का कहर
कोंड्रो के मुताबिक, आग पहली मंजिल पर शुरू हुई और देखते ही देखते ऊपरी मंजिलों तक फैलती चली गई। हादसे के वक्त कई कर्मचारी लंच ब्रेक पर थे, जबकि कुछ लोग इमारत से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। अचानक धुआं भर जाने से कई लोग ऊपर की मंजिलों पर फंस गए और बाहर निकल नहीं पाए।
कारणों की जांच जारी, नुकसान का हो रहा आकलन
जकार्ता डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी (BPBD) के प्रमुख इस्नावा अदजी ने भी हादसे को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि आग लगने का लटीक कारण अभी पता नहीं चला है। संभावना है कि आग शॉर्ट सर्किट या किसी इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की वजह से लगी।
अदम्य प्रयासों में जुटी टीम ने आग बुझाने के लिए 28 फायर ट्रक और 101 फायरफाइटर्स को तैनात किया था। मृतकों और घायलों को पूर्वी जकार्ता के क्रमत जाति पुलिस हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है।
ड्रोन टेक कंपनी का मुख्यालय थी यह इमारत
बता दें कि जिस सात मंजिला इमारत में आग लगी, वह टेरा ड्रोन इंडोनेशिया का मुख्यालय है। यह कंपनी खनन, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी कई इंडस्ट्रीज के लिए एरियल सर्वे ड्रोन सर्विसेस उपलब्ध कराती है।
