Dubai Air Show: दुबई एयर शो में भारतीय वायु सेना की टीम ने अपनी एयरोबेटिक्स और सटीक उड़ान से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारत ने स्वदेशी रूप से विकसित तेजस विमान का प्रदर्शन किया और सारंग हेलीकॉप्टर पायलटों की टीम ने स्वदेशी रूप से विकसित हेलीकॉप्टर ध्रुव एएलएच का साहसिक प्रदर्शन दुनिया को दिखाया। दुबई एयर शो सोमवार 13 को शुरू हुआ और शुक्रवार 14 तक चला था। शो के दूसरे दिन यूएई में भारतीय राजदूत संजय सुंधीर ने इंडिया पवेलियन का उद्घाटन किया था।
तेजस-ध्रुव का जलवा
दुनिया के सबसे बड़े एयर शो, दुबई एयर शो (Dubai Air Show) में भारत के लड़ाकू विमान तेजस और ध्रुव हेलीकॉप्टर ने अपने जलवे दिखाए। इसमें भारत के अलावा 20 अन्य बड़े देशों ने भाग लिया, इस शो में लगातार दूसरी बार भारतीय वायुसेना हिस्सा लिया। जानिए तेजस और ध्रुव की खासियतें।
- तेजस अपनी कैटेगरी का सबसे हल्का और छोटा लड़ाकू विमान है। यह 4.5 पीढ़ी का विमान है और इसका वजन करीब 6. 5 टन और स्पीड 2000 किलोमीटर प्रति घंटा है।
- यह हवा में ईंधन भी भर सकता है। इसमें आठ हार्ड पॉइंट्स हैं, जहां बम, रॉकेट और मिसाइल फिट हो सकते हैं।
- तेजस मल्टीरोल एयर क्राफ्ट है, यानी इसमें अटैक के साथ डिफेंस की भी क्षमता है। अब तक कोई भी तेजस विमान हादसे का शिकार नहीं हुआ है।
- ध्रुव हेलीकॉप्टर ने भी किया प्रभावित
- दूसरी तरफ ध्रुव हेलीकॉप्टर ने भी अपनी उड़ान से सभी को प्रभावित किया। दुनिया में हेलीकॉप्टर की इकलौती एयरोबेटिक्स करने वाली टीम है।
- ध्रुव हेलीकॉप्टर बेहद अत्याधुनिक है और इसका ग्लास कॉकपिट और एवोनिक्स का कोई जोड़ नहीं है। यह रेगिस्तान से लेकर ऊंची पहाड़ियों में उड़ान भर सकता है।
- ध्रुव एयरक्राफ्ट 12 लोगों को लेकर जा सकता है। इसका वजन करीब ढाई टन है और यह 250 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से उड़ सकता है।
- तेजस और ध्रुव दोनों रात हो या दिन, कैसे भी मौसम में बिना परेशानी के ऑपरेशन को अंजाम देती है। दुनिया के कई देशों ने यह एयरक्राफ्ट खरीदने में रुचि दिखाई है।
सारंग टीम को जमकर मिलीं तालियां
सारंग टीम दुनिया की प्रमुख हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीमों में से एक है, और दुबई एयर शो में उनके प्रदर्शन को जमकर तालियां मिलीं। भारतीय वायु सेना ने एक बार फिर भारत के एचएएल तेजस लड़ाकू विमान के साथ शो में सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। इसने एयर शो में हैरतअंगेज एयरोबेटिक्स और युद्धाभ्यास का प्रदर्शन किया। तेजस लड़ाकू विमान जेट को 2010 में वायु सेना में शामिल किया गया था। इसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स के विमान अनुसंधान और डिजाइन केंद्र के सहयोग से डिजाइन किया गया है। इस अवसर पर वायु सेना प्रशिक्षण कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, एयर मार्शल आर मूलीश ने भारतीय वायुसेना दल से मुलाकात की और बातचीत की।
