दुनिया

आतंकी संगठनों के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे का आह्वान, भारत-जापान ने की पहलगाम आतंकी हमले की निंदा

भारत और जापान ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई तथा सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने, नागरिकों की रक्षा करने, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने तथा ऐसी कार्रवाई से बचने का आह्वान किया, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है तथा क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा हो सकता है।

Image

भारत-जापान ने आतंकवाद से मिलकर लड़ने का आह्वान किया। तस्वीर-ANI

Photo : ANI

Pahalgam terror attack : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम शिगेरु इशिबा ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा उनके प्रॉक्सी सहित सभी आतंकी संगठनों के साथ मिलकर लड़ने का आह्वान किया। पीएम कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि आतंकी संगठनों के धन के स्रोत और अन्य अपराधों के साथ उनके नेक्सस को खत्म करने और सीमा पार उनकी गतिविधियों पर रोक लगाने की जरूरत है।

पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा

उन्होंने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की तथा 29 जुलाई की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद निगरानी टीम की रिपोर्ट पर गौर किया, जिसमें द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का उल्लेख किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि टीआरएफ ने इस आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी ली है। प्रधानमंत्री इशिबा ने इस पर चिंता व्यक्त की। वक्तव्य में कहा गया, "उन्होंने इस निंदनीय कृत्य के दोषियों, प्रायोजकों और वित्तपोषकों को बिना किसी देरी के न्याय के दायरे में लाने का आह्वान किया।"

आतंकवाद क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा

वक्तव्य में कहा गया है कि मोदी और इशिबा ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार यूक्रेन में न्यायसंगत और स्थायी शांति के लिए भी समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने न्यायसंगत और स्थायी शांति प्राप्त करने के लिए विभिन्न देशों द्वारा किए जा रहे राजनयिक प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई तथा सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने, नागरिकों की रक्षा करने, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने तथा ऐसी कार्रवाई से बचने का आह्वान किया, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है तथा क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा हो सकता है।

गाजा में मानवीय स्थिति पर चिंता जताई

गाजा में मानवीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, दोनों नेताओं ने सभी बंधकों की रिहाई और तत्काल एवं स्थायी युद्धविराम के संबंध में संबंधित पक्षों के बीच समझौता करने के महत्व पर जोर दिया, साथ ही बिगड़ती मानवीय स्थिति के समाधान पर भी जोर दिया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article