रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत की तटस्थ नीति ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। अमेरिका समेत पश्चिमी देशों के लाख कोशिशों के बाद भी भारत ने रूस से सस्ता तेल खरीदना बंद नहीं किया है। जब पश्चिमी देश थक गए तो उन्होंने अब इस पर बात करना छोड़ दिया है। अब पश्चिमी देश भारत का गुणगान गाते हुए कह रहे हैं कि भारत इस मामले को सुलझा सकता है। अब ईरान ने भी कुछ ऐसा ही कहा है।
ईरान ने भारत की ताकत का लोहा मान लिया है। भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत एक उभरती हुई शक्ति है और यह देश पश्चिमी देशों का दबाव नहीं सहेगा।
पश्चिम को चेतावनी देते हुए, ईरानी दूत ने कहा कि भारत ताइवान या दक्षिण कोरिया नहीं है, जो पश्चिम के दबाव में झुक जाएंगा। तेहरान ने भी भारत को तेल बेचने की अपनी पेशकश को नवीनीकृत किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जैसे भारत ने रूस से तेल खरीदने के मामले पर पश्चिम का विरोध किया, वैसे ही वो ईरान के लिए भी कर सकता है। भारत ने 2019 में संयुक्त राज्य अमेरिका प्रशासन से द्वितीयक प्रतिबंधों के खतरे के कारण ईरान से तेल आयात को निलंबित कर दिया था।
