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वियतनाम, फिलिपींस के बाद इंडोनेशिया भी खरीदेगा BrahMos,भारत के साथ किया बड़ा रक्षा करार, चीन की बढ़ेगी बेचैनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस खरीद पर सहमति बनी है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मंगलवार को पीएम मोदी की हुई द्विपक्षीय बैठक में कई अहम करार हुए। यही नहीं, इंडोनेशिया हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्र मिसाइल भी खरीदेगा।

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भारत से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस खरीदेगा इंडोनेशिया।

Photo : PTI

BrahMos missile : भारतीय हथियारों पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। वियतनाम और फिलिपींस के बाद दक्षिण पूर्व एशिया के एक और देश इंडोनेशिया ने भारत के साथ एक बड़ा रक्षा करार किया है। इंडोनेशिया सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस खरीदेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस खरीद पर सहमति बनी है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मंगलवार को पीएम मोदी की हुई द्विपक्षीय बैठक में कई अहम करार हुए। यही नहीं, इंडोनेशिया हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्र मिसाइल भी खरीदेगा। जाहिर है कि इस रक्षा करार से चीन की बेचैनी बढ़ेगी।

महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने पर सहमति

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो के बीच मंगलवार को हुई बातचीत में इंडोनेशिया को ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों की आपूर्ति करना, समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देना और महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण खनिजों, प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा, दवाओं और समुद्री सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए लगभग एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मोदी 2018 की भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के ढांचे के तहत व्यापार और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में सोमवार को जकार्ता पहुंचे, जहां उनका लाल कालीन से स्वागत किया गया।

अस्त्र मिसाइल का आयात करेगा इंडोनेशिया

दोनों पक्षों द्वारा अपने रक्षा संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य के बीच, यह पता चला है कि इंडोनेशिया ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत की हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्र मिसाइल की सफलता के बाद इसे आयात करने का निर्णय लिया है। इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस मिसाइल सौदा भारत द्वारा वियतनाम और फिलीपींस के साथ इसी तरह के समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बाद हुआ है। इंडोनेशिया को आपूर्ति की जाने वाली मिसाइलों की सटीक संख्या का तुरंत पता नहीं चल पाया है। महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए, भारत ने इंडोनेशिया में स्टील, निकल और रेयर अर्थ (दुर्लभ पृथ्वी) स्थायी चुंबक के निर्माण में निवेश करने का निर्णय लिया।

सबांग बंदरगाह संयुक्त रूप से विकसित करने पर सहमति

पीएम मोदी ने कहा, 'आज के युग में, प्रौद्योगिकी की आपूर्ति श्रृंखला का लचीलापन बहुत महत्व रखता है। महत्वपूर्ण खनिजों और स्टील के क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण सहमति बनी है।' उन्होंने कहा, 'स्टेनलेस स्टील और रेयर अर्थ चुंबक के संबंध में हमारी कंपनियों के बीच साझेदारी की एक नई शुरुआत हो रही है।' भारत और इंडोनेशिया रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सबांग बंदरगाह को संयुक्त रूप से विकसित करने पर भी सहमत हुए, जो मलक्का जलडमरूमध्य की निगरानी करता है और भारत की 'ग्रेट निकोबार' बंदरगाह परियोजना से 100 मील दूर है।

दोनों देशों के सहयोग से मानवता का होगा भला-पीएम मोदी

वार्ता के बाद अपने मीडिया बयान में मोदी ने कहा, '2018 में हमने जो व्यापक रणनीतिक साझेदारी बनाई थी, वह आज एक नई उड़ान भर रही है। हम हर क्षेत्र-विकास, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि आज से भारत-इंडोनेशिया साझेदारी का एक स्वर्ण अध्याय शुरू हो रहा है।' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ता विश्वास द्विपक्षीय रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत और इंडोनेशिया रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौते पर पहुंचे हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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