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होर्मुज संकट: भारत की दो UN में दो टूक, कहा- समुद्री रास्ता तुरंत खोलें

भारत ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि यह भारत की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। भारत ने स्पष्ट किया कि व्यापारिक जहाजों पर हमले, नाविकों की जान को खतरे में डालना और नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा डालना पूरी तरह अस्वीकार्य है। साथ ही, भारत ने इस अहम समुद्री मार्ग पर जल्द सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही बहाल करने की मांग की।

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होर्मुज में जारी संघर्ष पर भारत ने दी अपनी प्रतिक्रिया।

Photo : Twitter

भारत ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने को निंदनीय बताया और होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से निर्बाध नौवहन एवं वैश्विक व्यापार को जल्द बहाल किए जाने की मांग की है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘भारत के लिए ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से एक विशेष चिंता का विषय होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाज हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस संघर्ष में वाणिज्यिक जहाजों को सैन्य हमलों का लक्ष्य बनाए जाने की भारत कड़ी निंदा करता है।’’

'वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना अस्वीकार्य'

भारत ने दोहराया कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष नाविकों की जान को खतरे में डालना या होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा डालना पूरी तरह अस्वीकार्य है।

पर्वतनेनी ने इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर देते हुए कहा कि भारत इस मार्ग से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन एवं वैश्विक व्यापार को जल्द बहाल करने की मांग करता है। उन्होंने संघर्ष के दौरान भारतीय नाविकों की मौत पर भी गहरी चिंता जताई।

पर्वतनेनी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘पश्चिम एशिया की स्थिति’ पर वीटो पहल के तहत हुई बहस के दौरान ये टिप्पणियां कीं, जो इस महीने की शुरुआत में सुरक्षा परिषद में रूस और चीन द्वारा बहरीन के नेतृत्व में एक प्रस्ताव पर वीटो किए जाने के बाद करायी गयी थी।

भारत ने क्या-क्या की अपील?

भारतीय राजदूत ने कहा कि 28 फरवरी से ईरान और खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की लगातार अपील करता रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने सभी देशों से संवाद, कूटनीति और तनाव कम करने के प्रयासों को बढ़ावा देने तथा सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने का आह्वान किया है।’’

संघर्ष में अब तक 8 भारतीयों की मौत

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस संघर्ष के दौरान क्षेत्र में ‘‘विभिन्न घटनाओं’’ में आठ भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है और एक अब भी लापता है।

इस संषर्घ के कारण फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी एवं अरब सागर से जोड़ने वाला ओमान और ईरान के बीच अहम तेल मार्ग बाधित हो गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के बाधित होने से दुनिया के सबसे गरीब और कमजोर देशों पर इसका गहरा असर पड़ता है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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