भारत ने रूस से तेल नहीं खरीदने पर जताई प्रतिबद्धता, US फैक्ट शीट में दावा, भारत ने नहीं की पुष्टि
- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Feb 11, 2026, 06:56 AM IST
फैक्ट शीट और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुक्रवार को हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश दोनों में कहा गया है कि भारत ने 25% टैरिफ पेनल्टी हटाने के बदले में रूसी संघ से तेल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि, 7 फरवरी के भारत-अमेरिका संयुक्त बयान में रूसी तेल खरीद या इसे रोकने के लिए भारत की किसी भी प्रतिबद्धता का कोई जिक्र नहीं है।
US फैक्ट शीट में नए दावे
Russian Oil Purchase: व्हाइट हाउस ने सोमवार देर रात एक फैक्ट शीट जारी की जिसमें दावा किया गया कि भारत ने रूसी तेल की खरीद बंद करने, कुछ दालों पर टैरिफ कम करने और डिजिटल सेवा कर समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि, भारतीय सरकार ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और ये दोनों देशों द्वारा पिछले सप्ताह जारी द्विपक्षीय संयुक्त बयान में भी नहीं हैं।
फैक्ट शीट में क्या-क्या दावे?
फैक्ट शीट और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुक्रवार को हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश दोनों में कहा गया है कि भारत ने 25% टैरिफ पेनल्टी हटाने के बदले में रूसी संघ से तेल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि, 7 फरवरी के भारत-अमेरिका संयुक्त बयान में रूसी तेल खरीद या इसे रोकने के लिए भारत की किसी भी प्रतिबद्धता का कोई जिक्र नहीं है। फैक्ट शीट में कहा गया है कि ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद दोनों पक्ष एक अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमत हुए।
भारत ने रूसी ऊर्जा खरीद को पूरी तरह समाप्त करने की पुष्टि नहीं की है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को कहा कि तेल की खरीद निजी कंपनियों द्वारा बाजार की स्थितियों के आधार पर की जाती है और राष्ट्रीय हित हमारे निर्णयों का मार्गदर्शन करता रहेगा।
फैक्ट शीट पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं
मंगलवार को वाणिज्य और विदेश मंत्रालयों की ओर से फैक्ट शीट पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। मामले से परिचित सूत्रों ने बताया कि फैक्ट शीट में ट्रंप और अन्य अमेरिकी अधिकारियों द्वारा 2 फरवरी को दोनों पक्षों के बीच व्यापार समझौते की घोषणा के बाद उठाए गए मुद्दों को दोहराया गया लगता है और यह मुख्य रूप से अमेरिकी पक्ष के विचारों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि 7 फरवरी को जारी भारत-अमेरिका संयुक्त बयान ही व्यापार समझौते से संबंधित मुख्य दस्तावेज बना हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फैक्ट शीट में ट्रंप द्वारा 2 फरवरी से उठाए गए कई मुद्दों का जिक्र है, जिनमें अगले पांच वर्षों में ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कोयला, कृषि और अन्य उत्पादों जैसे 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी सामानों की खरीद शामिल है। हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह हमारा इरादा है और व्यापार बढ़ने के साथ-साथ निश्चित रूप से और भी खरीदारी की जाएगी।
