US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को एक बार फिर अहम समुद्री जलमार्ग में ईरानी ध्वज वाले जहाजों पर अंधाधुंध गोलीबारी की।
US ने क्यों की गोलीबारी?
अमेरिकी सेना ने ईरानी जहाजों पर नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। अमेरिकी सेना ने बताया कि हमने ईरान के ध्वज वाले दो और तेल टैंकरों पर गोलीबारी करके उन्हें निष्क्रिय कर दिया है, जो हमारी नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
मार्को रुबियो की ईरान को चेतावनी
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तेहरान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर कंट्रोल बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। ईरान का नियंत्रण गैरकानूनी और अस्वीकार्य है।
UAE में फिर बजे सायरन
इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में शुक्रवार को एक बार फिर हवाई हमलों के सायरन बजने लगे। यूएई ने बताया कि उसने ईरान की ओर से किए गए एक और मिसाइल और ड्रोन हमले का नाकाम कर दिया। यह हमला ऐसे समय पर हुआ जब अमेरिका ने दावा किया कि होर्मुज में उसकी और ईरानी बलों के बीच गोलीबारी हुई। इससे एक माह पुराने संघर्षविराम पर फिर से संकट गहरा गया।
यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ईरान की ओर से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों और तीन ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सभी मिसाइलों और ड्रोन को पूरी तरह मार गिराया गया या नहीं। साथ ही, अधिकारियों ने लोगों से किसी भी गिरे हुए मलबे से दूर रहने की अपील की है।
चीन ने जताई चिंता
इस बीच, चीन ने होर्मुज में चीनी क्रू मेंबर्स वाले जहाज पर हुए हमले को लेकर चिंता जताई। हालांकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद चीन लगातार ईरान से तेल आयात कर रहा है।
