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पीएम मोदी के नाम दर्ज हुआ एक और कीर्तिमान, भारतीय प्रधानमंत्री को अब गुयाना और बारबाडोस देंगे अपना सर्वोच्च पुरस्कार

World News: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक के बाद एक नए रिकॉर्ड दर्ज हो रहे हैं। इसी बीच गुयाना और बारबाडोस ने पीएम मोदी के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। दोनों देशों ने भारतीय पीएम को अपने देश के सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। आपको तफसील से सबकुछ समझाते हैं।

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गुयाना और बारबाडोस प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च पुरस्कार प्रदान करेंगे।

Guyana and Barbados to confer their top awards to PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील के गुयाना पहुंचे। गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली और उनके कैबिनेट के कई मंत्रियों ने हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का स्वागत किया। इस बीच ये जानकारी सामने आई है कि गुयाना और बारबाडोस प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च पुरस्कार प्रदान करेंगे। डोमिनिका ने भी कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपने सर्वोच्च पुरस्कार की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की संख्या 19 तक पहुंच चुकी है।

पीएम मोदी को सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करेंगे ये देश

गुयाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, “द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस” प्रदान करेगा। वहीं बारबाडोस प्रधानमंत्री मोदी को बारबाडोस के प्रतिष्ठित मानद ऑर्डर ऑफ फ्रीडम से सम्मानित करेगा। डोमिनिका ने भी कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार- "डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर" प्रदान करने की घोषणा की थी।

ब्राजील से गुयाना पहुंचे मोदी, कैरीकॉम शिखर सम्मेलन में रखेंगे विचार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुयाना की राजधानी जॉर्जटाउन में औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर से नवाजा गया। अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और गुयाना की संसद की विशेष बैठक को संबोधित करेंगे। वे दूसरे भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे। गुयाना पहुंचने पर राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफ़ान अली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गले मिलते हुए स्वागत किया। मंगलवार को गुयाना के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि हमने सतत विकास, वृद्धि, गरीबी से लड़ने और बेहतर भविष्य के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने जैसे क्षेत्रों में आकर्षक बातचीत की और वैश्विक सहयोग को गहरा किया।

गुयाना की दो दिवसीय यात्रा के दौरान क्या कुछ करेंगे पीएम मोदी?

शिखर सम्मेलन में उन्होंने गरीबी पर काबू पाने और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में भारत की प्रगति को प्रस्तुत किया और अपनी विशेषज्ञता साझा करने की पेशकश की। भारत के वैश्विक दक्षिण की आवाज के रूप में उभरने के साथ, उन्होंने वैश्विक संस्थानों में सुधार और जलवायु परिवर्तन से लड़ने के बोझ को साझा करने के लिए एक निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीका खोजने के आह्वान को दृढ़ता से दोहराया। गुयाना की दो दिवसीय यात्रा के दौरान, पीएम मोदी भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे, जिसमें 14 कैरेबियाई देशों के नेता एक साथ आएंगे और एक बड़े प्रवासी समुदाय के साथ देश के साथ संबंधों को मजबूत करने पर काम करेंगे, जो एक प्रमुख वैश्विक ऊर्जा स्रोत के रूप में उभर रहा है।

पीएम मोदी ने दुनिया भर के नेताओं के साथ की कई बैठकें

जी20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री की भागीदारी का सारांश देते हुए भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने कहा कि पिछले साल शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी के नेतृत्व में अपनाए गए नई दिल्ली नेताओं के घोषणापत्र को रियो घोषणापत्र में जगह मिली है। मीडिया को जानकारी देते हुए अमिताभ कांत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दो सत्रों में बात की, एक भूख और गरीबी पर और दूसरा सतत विकास पर। दोनों में उन्होंने भारत द्वारा किए गए बड़े प्रभाव पर प्रकाश डाला। इसके अलावा, पीएम मोदी ने दुनिया भर के नेताओं के साथ कई औपचारिक द्विपक्षीय बैठकें भी कीं और कई लोगों से अनौपचारिक रूप से बात की।

भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा फॉर गवर्नेंस पर एक साइड इवेंट भी आयोजित किया। प्रधानमंत्री मोदी की कई द्विपक्षीय बैठकों में से दो प्रमुख हैं। पहला- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ, जहां दोनों नेताओं ने मुक्त व्यापार समझौते के लिए वार्ता फिर से शुरू करने पर सहमति व्यक्त की और दूसरा, द्वितीय भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन। जहां प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीस ने भारत-ऑस्ट्रेलिया अक्षय ऊर्जा साझेदारी का शुभारंभ किया और क्वाड के सदस्यों के रूप में रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की, जो हिंद-प्रशांत समूह है जिसमें जापान और अमेरिका शामिल हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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