पाकिस्तान सरकार या प्रांतीय सरकारों द्वारा बिना किसी औपचारिक आदेश के बलूचिस्तान सरकार के अधिकारियों का इस महीने के वेतन में 50 प्रतिशत कटौती कर दी गई। तुर्की राहत सहायता में योगदान के नाम पर इनका आधा वेतन काट लिया गया। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान सरकार देश में व्याप्त भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रही है।
अधिकारियों ने एकतरफा वेतन कटौती का विरोध किया
द एशिया लाइट ने बताया कि बलूचिस्तान में ग्रेड 19 से 21 के अधिकारियों ने एकतरफा वेतन कटौती का विरोध किया है। इनका कहना है कि जरूरी सामान की कीमतों में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण वे पहले से ही अपने परिवारों को खिलाने में समस्या का सामना कर रहे हैं। वेतन ही उनकी आय का एकमात्र स्रोत था। बिना किसी सलाह या जानकारी के उन्हें उनकी कमाई से वंचित नहीं किया जा सकता।
वहीं, डेली इंतेखाब की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों ने पूछा है कि क्या अन्य ग्रेड और प्रांतों के अन्य अधिकारियों को भी योगदान देने के लिए कहा गया था। या क्या यह बलूचिस्तान सरकार का फरमान था। ये संघीय सरकार से अपील करने की योजना बना रहे हैं कि वे सिर्फ एक या दो दिन का वेतन ही दे सकते हैं।
शहबाज दिखा रहे कि पाकिस्तान तुर्की के साथ है
आर्थिक संकट के बीच शहबाज सरकार पुरजोर कोशिश में है कि वह दिखा सके कि संकट के समय वह पूरी तरह तुर्की के साथ है। पिछले साल पाकिस्तान में आए बाढ़ के दौरन तुर्की ने भी पाकिस्तान की मदद की थी। पाकिस्तान ने अब तक 162 टन की राहत सामग्री तुर्की को भेजी है।पीएम शहबाज शरीफ ने ऐलान किय था कि वह अंकारा जाएंगे और संकट के समय तुर्की के साथ एकजुटता दिखाएंगे। हालांकि, तुर्की सरकार ने शहबाज के इरादों पर पानी फेरते हुए उनसे अपना दौरा टालने को कहा। शहबाज को संदेश भेजा गया कि अभी तुर्की आपदा से निपटने में जुटा हुआ है, ऐसे में उनका दौरा करना उचित नहीं होगा।
