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लेबर मिनिस्टर के इस्तीफे के बाद जर्मनी में गहराया राजनीतिक संकट, वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबील ने रद्द किया अपना भारत दौरा

बर्लिन में राजनीतिक अनिश्चितता और श्रम मंत्री बर्बेल बास के इस्तीफे के बाद जर्मन वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबील ने अपना भारत दौरा रद्द कर दिया है।

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जर्मन वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबील का भारत दौरा रद्द (फाइल फोटो)

Photo : AP

जर्मनी की राजनीति में अचानक आए भारी भूचाल के बाद एक बड़ा कूटनीतिक फैसला लिया गया है। जर्मनी के वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबील (Lars Klingbeil) ने अपनी चल रही एशिया यात्रा के तहत तय किए गए भारत दौरे को रद्द कर दिया है। उनके मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। मंत्रालय ने इस दौरे को रद्द करने के पीछे बर्लिन में चल रहे 'मौजूदा घटनाक्रमों' और राजनीतिक अनिश्चितता को मुख्य वजह बताया है। यह फैसला देश की लेबर मिनिस्टर बर्बेल बास के अचानक आए इस्तीफे के बाद लिया गया है।

लेबर मिनिस्टर के इस्तीफे से मचा हड़कंप

सोमवार को ही जर्मनी की लेबर मिनिस्टर और सेंटर-लेफ्ट SPD पार्टी की सह-नेत्री बर्बेल बास ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर सभी को चौंका दिया। उन्होंने अपने पद के साथ-साथ पार्टी के सह-नेतृत्व की जिम्मेदारी भी छोड़ने का फैसला किया। अपने इस कदम के पीछे बास ने अपनी सौतेली बेटी के निधन को मुख्य वजह बताया। उन्होंने कहा कि इस पारिवारिक त्रासदी और गहरे दुख के बाद उन्हें अहसास हुआ कि उन्हें शोक मनाने और खुद को संभालने के लिए समय की आवश्यकता है।

बढ़ते राजनीतिक हमलों और आलोचनाओं से थीं आहत

व्यक्तिगत शोक के अलावा, बर्बेल बास ने कंजर्वेटिव पार्टी ब्लॉक (जो SPD के साथ सत्ता में साझीदार है) के सदस्यों की तरफ से मिल रही तीखी आलोचनाओं और बढ़ते सार्वजनिक हमलों का भी जिक्र किया। इन तमाम दबावों के बीच उनका इस्तीफा सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबील और बर्बेल बास दोनों ही एसपीडी पार्टी के सह-नेता हैं। ऐसे में देश के भीतर उपजे इस अचानक राजनीतिक संकट और सरकार के भीतर मचे घमासान को संभालने के लिए क्लिंगबील ने अपनी निर्धारित भारत यात्रा को बीच में ही रद्द करना उचित समझा, ताकि वे बर्लिन में स्थिति पर नजर रख सकें।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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