अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। 10 अप्रैल 2026 से फ्रांस ने एयरपोर्ट ट्रांजिट नियमों में अहम बदलाव किए हैं। नई एडवाइडरी के मुताबिक, अब साधारण भारतीय पासपोर्ट धारक फ्रांसीसी हवाई अड्डों के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र से ट्रांजिट के दौरान बिना एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा (ATV) के यात्रा कर सकेंगे। यह छूट उन यात्रियों पर लागू होगी जो किसी अन्य देश की यात्रा कर रहे हैं और शेंगेन क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर रहे हैं।
नई व्यवस्था के तहत, यदि यात्री की कनेक्टिंग फ्लाइट उसी एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट एरिया से है और उसे इमिग्रेशन या सीमा नियंत्रण से नहीं गुजरना पड़ता, तो उसे वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी। उदाहरण के तौर पर, पेरिस के एयरपोर्ट से होकर ट्रांजिट करने वाले यात्री अब सीधे अपनी अगली फ्लाइट पकड़ सकते हैं, बशर्ते वे एयरपोर्ट के इंटरनेशनल जोन से बाहर न जाएं।
हालांकि, इस नियम के साथ कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी जुड़ी हैं। यदि यात्री को टर्मिनल बदलने के लिए इमिग्रेशन से गुजरना पड़े, या बैगेज दोबारा चेक-इन करने के लिए एयरपोर्ट के बाहर जाना पड़े, तो ऐसी स्थिति में शेंगेन वीजा लेना अनिवार्य होगा। इसलिए यात्रा से पहले फ्लाइट कनेक्शन और एयरपोर्ट प्रक्रिया की पूरी जानकारी लेना जरूरी है।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि 10 अप्रैल, 2026 से प्रभावी नियम, फ्रांस से केवल हवाई मार्ग से गुजरने वाले भारतीय नागरिकों को अब ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता नहीं होगी। यह निर्णय भारत और फ्रांस के बीच स्थायी साझेदारी को दर्शाता है, जिसे राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की हालिया यात्रा के दौरान एक विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया है, और यह लोगों की सुगम आवाजाही को और सुविधाजनक बनाने और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए है।
शेंगेन वीजा से कितने देश की कर सकते हैं यात्रा
शेंगेन वीजा धारक 29 यूरोपीय देशों की यात्रा कर सकते हैं या किसी अन्य कार्य क्षेत्र के लिए आवागमन कर सकते हैं। इन 29 देशों में यात्रा करने के लिए टूरिस्ट को नए वीजा की जरूरत नहीं होगी यानी होल्डर एक ही वीजा के जरिए संबंधित देशों की यात्रा (कुछ शर्तों के साथ) कर सकते हैं। इन देशों में ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आइसलैंड, इटली, लातविया, लिकटेंस्टीन, लिथुआनिया, लक्जमबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड, नार्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन, स्वीडन और स्वीटजरलैंड शामिल है।
क्या थे पुराने नियम?
इस बदलाव से पहले भारतीय नागरिकों को फ्रांस के किसी भी एयरपोर्ट से ट्रांजिट करने के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा (ATV) लेना अनिवार्य था, भले ही वे एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र से बाहर न जा रहे हों। यानी केवल फ्लाइट बदलने के लिए भी पहले से वीजा की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ता था।
