Schengen Visa : अक्सर आप विदेश जाने का प्लान करते होंगे, लेकिन वीजा नामक एक ऐसा दस्तावेज है, जिसके बिना आपकी यात्रा महज सपना बनकर रह जाती है। हालांकि, वीजा सिर्फ विदेश घूमने के लिए नहीं, बल्कि व्यवसाय, चिकित्सा उपचार, पढ़ाई-लिखाई, ट्रेनिंग और नौकरी पेशा समेत कई अन्य क्षेत्रों के लिए उपयोगी होता है। इन दिनों वीजा खूब चर्चा में भी है। अमेरिका की ओर से एच-1बी वीजा शुल्क में हाल में वृद्धि की गई, जिसको लेकर भारतीय खास चिंतित हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने पिछले सप्ताह एच-1बी वीजा पर एकमुश्त 1,00,000 अमेरिकी डॉलर का शुल्क लगाने की घोषणा की थी, जिससे भारतीय नागरिकों की चिंता बढ़ गई। ये बात तो H-1 B वीजा की रही, लेकिन यूरोपीय देशों की यात्रा करने का सपना संजोये लोगों के लिए भी झटका लगा है। जी, हां शेंगेन वीजा भी महंगा हो गया है। तो चलिए जानते हैं शेंगेन वीजा क्या होता है और इसके सरचार्ज बढ़ने से जेब पर कितना असर पड़ेगा?
दरअसल, शेंगेन वीजा धारक 29 यूरोपीय देशों की यात्रा कर सकते हैं या किसी अन्य कार्य क्षेत्र के लिए आवागमन कर सकते हैं। इन 29 देशों में यात्रा करने के लिए टूरिस्ट को नए वीजा की जरूरत नहीं होगी यानी होल्डर एक ही वीजा के जरिए संबंधित देशों की यात्रा (कुछ शर्तों के साथ) कर सकते हैं। इन देशों में ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आइसलैंड, इटली, लातविया, लिकटेंस्टीन, लिथुआनिया, लक्जमबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड, नार्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन, स्वीडन और स्वीटजरलैंड शामिल है।
शेंगेन वीजा इंडियन स्टूडेंट, पेशेवरों और पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है क्योंकि यह 29 यूरोपीय देशों में प्रवेश की अनुमति देता है। इस वीजा के तहत 180 दिनों अवधि में अधिकतम 90 दिन तक रहना संभव है। लेकिन हाल के दस्तावेजों के बदलावों के बाद आवेदन की कुल लागत में काफी बढ़ोतरी हो गई है।
भारतीयों के लिए शेंगेन वीजा आवेदन महंगा
भारतीयों के लिए शेंगेन वीजा आवेदन महंगे कर दिये गए हैं, जिससे यूरोपीय देशों की यात्राओं का खर्च बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बढ़ोतरी इसलिए की गई है क्योंकि ज्यादातर यूरोपीय देशों के लिए वीजा आवेदन करने वाली निजी एजेंसी वीएफएस ग्लोबल ने अपने सेवा शुल्क बढ़ा दिए हैं। हालांकि, साल 2023 के बाद यह पहला संशोधन किया गया है। अब शेंगेन वीजा पर आधार शुल्क वयस्कों के लिए लगभग 8,0000-10,000 रुपये है, लेकिन वीएफएस एक अतिरिक्त अनिवार्य शुल्क चार्ज करता है, जिससे कुल लागत अधिक हो जाती है। अब अलग-अलग देशों के हिसाब से निर्धारित सर्विस चार्ज भी देना अनिवार्य है। यह नया संशोधन जुलाई 2025 से लागू हुआ है, जिसके बाद से लगातार एजेंटो और आवदेनकर्ताओं के माथे पर चिंता की लकीरें दिख रही हैं।
नई दरें क्या हैं?
- जर्मनी के लिए ₹1933
- फ्रांस के लिए ₹2234
- ऑस्ट्रिया के लिए ₹2274
- स्वीटजरलैंड के लिए ₹2690
- पुर्तगाल के लिए ₹3111
मीडिया रिपोर्ट के हवाले से यात्रियों का कहना है कि हवाई किराया, होटल बुकिंग और बीमा जैसी अन्य लागतें पहले से ही बढ़ी हुई हैं, ऐसे में वीजा प्रक्रिया का महंगा होना हम इंडियंस की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल देगा। ये चिंता स्टूडेंट और रिसर्चर के बीच ज्यादा बढ़ गई है। कहना है कि वीजा प्रक्रिया से जुड़े कागजात भी समय-समय पर चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं। आवेदनकर्ताओं को यात्रा योजना, मेडिकल इंश्योरेंस और बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज जमा करने होते हैं, चूंकि आवेदन प्रक्रिया लंबी और सख्त है, लिहाजा यात्रियों को उम्मीद है कि सर्विस प्रोवाइडर उनका ख्याल रखेंगे।
दरअसल, वीएफएस ग्लोबल (VFS Global) की भूमिका अहम हो जाती है। अधिकांश दूतावास अब सीधे वॉक इन आवेदन स्वीकार नहीं करते, बल्कि पूरी प्रक्रिया VFS ग्लोबल के माध्यम से पूरी करनी होती है। ऐसे स्थिति में यात्रियों के पास अतिरिक्त सर्विस चार्ज चुकाने के अलावा कोई विकल्प नहीं शेष रहता। जानकारी के मुताबिक, कंपनी का कहना है कि यह शुल्क संबंधित देशों की सरकारी एजेंसियों की स्वीकृति से तय किए जाते हैं। वीएफएस का दावा है कि इन शुल्कों में सुरक्षा उपायों, अतिरिक्त संसाधनों और आवेदन की संख्या के अनुरूप लागत शामिल होती है। हालांकि, यात्रियों का मानना है कि इन बढ़े हुए चार्जों को लेकर अधिक ट्रांसपेरेंसी होनी चाहिए ताकि, उन्हें पता चल सके कि वे किस मद में कितना खर्च कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त कुरियर सेवा, एसएमएस अपडेट और प्रीमियम लाउंज जैसी वैकल्पिक सुविधाओं के लिए अलग से चार्ज देना पड़ता है। ऐसे में यात्रियों का कहना है कि अगर VFS इन सभी सर्विस को अधिक सुलभ और ट्रांसपेरेंट बनाए तो यह प्रक्रिया और आसान हो सकती है। फिलहाल यूरो (Eruo) की बढ़ती कीमत के साथ VFS के सर्विस चार्ज भारतीय छात्रों और पर्यटकों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहे हैं।
कुल मिलाकर शेंगेन वीजा आपको 29 यूरोपीय देशों में स्वतंत्र रूप से यात्रा और घूमने की अनुमति देता है। ये देश शेंगेन समझौते पर हस्ताक्षर करते हैं और एक समान सीमा के पक्ष में अपनी राष्ट्रीय सीमाओं को समाप्त कर चुके हैं। यदि कोई भी शख्स इन 29 देशों का नागरिक नहीं है तो वह अपने देश से वीजा के लिए अप्लाई कर सकता है। वीजा तभी दिया जाता है, जब तक व्यक्ति वीजा अवधि समाप्त होने से पहले शेंगेन क्षेत्र छोड़ने का इरादा रखता हो। इसके अलावा उसके पास प्रवास की अवधि के लिए पर्याप्त जीविका के साधन होने चाहिए और संबधित सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। शेंगेन वीजा अपने धारक को शेंगेन क्षेत्र में प्रवेश की स्वत: अनुमति नहीं देता है।
शेंगेन वीजा आवेदन कैसे करें?
- वीजा आवेदन के लिए फ्लाइट रिजर्वेशन कंफर्म हो।
- यात्रा बीमा वीजा आवेदन
- वीजा आवेदन के लिए होटल बुकिंग
- धनराशि का विवरण प्रमाण (शेंगेन वीजा के लिए न्यूनतम बैंक बैलेंस)
- कोई आपत्ति पत्र नहीं
- प्रयोजन पत्र (यदि कोई हो)
- निमंत्रण पत्र (यदि कोई हो)
- अस्पताल रिपोर्ट (मेडिकल वीजा के लिए)
शेंगेन वीजा कितने दिन में बनता है?
शेंगेन वीजा लगने का समय, वीजा के प्रकार और आवेदन के समय पर निर्भर करता है, जो कुछ दिनों से लेकर कई हफ्तों तक हो सकता है। हालांकि, टूरिस्ट वीजा में सामान्यत: 3-4 दिन (ई-वीजा के लिए) से लेकर 15 दिन या उससे अधिक का समय लग सकता है, जबकि अन्य वीजा में अधिक समय लग सकता है।
शेंगेन वीजा के लिए कितना बैंक बैलेंस होने चाहिए
इसके लिए संबंधित व्यक्ति को अपनी बैंक डिटेल्स भी साझा करनी होती है या पिछले तीन साल का आईटीआर स्टेट्स भी देना होता है। यदि स्टूडेंट इसे अप्लाई करना चाहते हैं तो उन्हें अपने परिजनों का बैंक स्टेटमेंट साझा करना होगा। इतना ही नहीं आप यात्रा अवधि के दौरान कितना खर्च कर सकते हैं, उसके बारे में भी बताना होता है। 15 दिनों की यूरोप यात्रा के लिए व्यक्ति को आदर्श रूप से 1,00,000 या उससे अधिक का बैंक बैलेंस शो करना चाहिए। इसके लिए पिछले तीन महीने का व्यक्तिगत बैंक स्टेटमेंट, पिछले 3 सैलरी स्लिप (यदि हैं) क्रेडिट/डेबिट कार्ड स्टेटमेंट, ट्रैवलर्स इत्यादि।