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आजीवन जेल में रहेगा जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे का हत्यारा; चार साल पहले घर में बनी बंदूक से मारी थीं गोलियां

शिंजो आबे जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता थे। वे एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते थे। आबे ने 2006-07 और फिर 2012 से 2020 तक देश की कमान संभाली। स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने 2020 में पद छोड़ा था।

शिंजो आबे (फाइल फोटो)

शिंजो आबे (फाइल फोटो)

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की 2022 में हुई सनसनीखेज हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। नारा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने बुधवार को आबे के हत्यारे तेत्सुया यामागामी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने इस अपराध को बेहद घिनौना और समाज के लिए खतरनाक करार दिया। 45 वर्षीय यामागामी ने कोर्ट में कबूल किया कि उसने घर में बनी बंदूक से शिंजो आबे को गोली मारी थी। यह घटना उस वक्त हुई थी, जब आबे नारा में एक चुनावी भाषण दे रहे थे। गोली लगने से 67 वर्षीय आबे की मौके पर ही मौत हो गई थी। यह हमला जापान जैसे देश के लिए चौंकाने वाला था, जहां गन कल्चर लगभग न के बराबर है।

अभियोजन ने मांगी थी उम्रकैद

अभियोजन पक्ष ने कोर्ट से यामागामी के लिए उम्रकैद की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। वहीं बचाव पक्ष ने सजा कम करने की कोशिश की और दलील दी कि आरोपी को 20 साल से ज्यादा जेल नहीं दी जानी चाहिए।

यूनिफिकेशन चर्च से थी निजी रंजिश

यामागामी ने दावा किया कि वह यूनिफिकेशन चर्च से नफरत करता था। उसका कहना था कि उसकी मां ने इस धार्मिक संगठन को करीब 100 मिलियन येन (लगभग 6.3 लाख डॉलर) दान कर दिए थे, जिससे उसका परिवार आर्थिक संकट में आ गया। यामागामी का मानना था कि शिंजो आबे का इस चर्च से राजनीतिक जुड़ाव था, इसलिए उसने उन्हें निशाना बनाया।

कोर्ट ने सभी आरोप सही माने

अदालत ने यामागामी को हत्या और फायरआर्म्स एंड स्वॉर्ड्स कंट्रोल लॉ के उल्लंघन का दोषी ठहराया। हालांकि, घटना में इस्तेमाल की गई घर में बनी बंदूक कानून के दायरे में नहीं आती थी, फिर भी कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध माना।

इस केस से बदला कानून

इस हाई-प्रोफाइल केस के बाद जापान में धार्मिक संगठनों द्वारा चंदा वसूली के तरीकों पर सवाल उठे। सरकार ने जांच के बाद यूनिफिकेशन चर्च को भंग करने और उसके टैक्स बेनिफिट्स खत्म करने का आदेश दिया। साथ ही, 2022 में एक नया कानून लाया गया, ताकि मैनिपुलेटिव फंडरेजिंग पर लगाम लगाई जा सके।

जापान के सबसे लंबे समय तक पीएम रहे आबे

शिंजो आबे जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता थे। वे एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते थे। आबे ने 2006-07 और फिर 2012 से 2020 तक देश की कमान संभाली। स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने 2020 में पद छोड़ा था।

शिव शुक्ला
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शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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