Plan To End The War in Gaza: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गाजा में युद्ध विराम करने की योजना पर सहमत हो गए हैं। हालांकि अबी यह स्पष्ट नहीं है कि हमास इन शर्तों को स्वीकार करेगा या नहीं। ट्रंप ने सोमवार को इजराइल-हमास युद्ध को समाप्त करने और युद्धग्रस्त फलस्तीन क्षेत्र में युद्धोत्तर शासन स्थापित करने के लिए एक 20-सूत्रीय योजना पेश की। ट्रंप की योजना के तहत एक अस्थायी शासी बोर्ड की स्थापना की जाएगी जिसके अध्यक्ष ट्रंप होंगे। इस बोर्ड में पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भी शामिल होंगे। ट्रंप के कदम की 8 मुस्लिम देशों ने सराहना की है।
8 मुस्लिम देशों ने किया स्वागत
कतर विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा- कतर, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्री राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व और गाजा में युद्ध समाप्त करने के उनके प्रयासों का स्वागत करते हैं, और शांति का मार्ग खोजने की उनकी क्षमता में अपना विश्वास व्यक्त करते हैं। मंत्रीगण राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा युद्ध समाप्त करने, गाजा के पुनर्निर्माण, फिलिस्तीनी लोगों के विस्थापन को रोकने और व्यापक शांति को बढ़ावा देने के प्रस्ताव की घोषणा का स्वागत करते हैं, साथ ही इस घोषणा का भी स्वागत करते हैं कि वे पश्चिमी तट पर कब्जा नहीं होने देंगे। मंत्रीगण समझौते को अंतिम रूप देने और क्षेत्र के लोगों के लिए शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इसके कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु संयुक्त राज्य अमेरिका और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करने के लिए अपनी तत्परता की पुष्टि करते हैं।
योजना के अनुसार, अगर दोनों पक्ष इसे स्वीकार करते हैं तो युद्ध तुरंत समाप्त हो जाना चाहिए। इसमें यह भी कहा गया है कि इजराइल द्वारा योजना स्वीकार किए जाने के 72 घंटों के भीतर सभी शेष बंधकों को रिहा कर दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि अगर हमास प्रस्तावित शांति समझौते को स्वीकार नहीं करता है तो उसे (हमास) हराने के लिए इजराइल को अमेरिका का पूर्ण समर्थन हासिल होगा।
नेतन्याहू ने कतर से मांगी माफी
बता दें कि नेतन्याहू ने सोमवार को अपने कतरी समकक्ष से खाड़ी अमीरात में हमास अधिकारियों को निशाना बनाकर किए गए हालिया सैन्य हमले के लिए औपचारिक माफी मांगी। इस हमले से अरब नेता नाराज हो गए थे और अमेरिका ने भी इजराइल की आलोचना की थी। नेतन्याहू ने ट्रंप से मुलाकात के दौरान कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी को फोन किया। ट्रंप ने इजरायली और कतरी नेता के बीच हुई इस बातचीत को "दिल से दिल की बात" बताया।
