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अमेरिकी रक्षा मंत्री ने स्वीकारी हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर हमले की बात; द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार किया ऐसा

हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर हमले की बात अमेरिकी रक्षा मंत्री ने स्वीकार की है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार अमेरिका ने समुद्र की गहराइयों से किसी युद्धपोत को निशाना बनाया है।

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अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (फोटो साभार: AP)

Photo : AP

ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि एक सप्ताह के भीतर अमेरिका और इजराइल की वायु सेनाएं ईरान के आसमान पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर लेंगी। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका में ईरानी युद्धपोत पर हमले को लेकर भी बात की। उन्होंने दावा किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका की एक पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट से दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबो दिया है।

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन में एक ब्रीफिंग में हेगसेथ ने कहा कि ईरानी युद्धपोत पर हमला द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी दुश्मन पर इस तरह का पहला हमला था।

ईरान के एयरस्पेस को अपने नियंत्रण में ले लेंगे

हेगसेथ ने कहा कि दुनिया की दो सबसे ताकतवर वायु सेनाएं मिलकर ईरान के एयरस्पेस को “अनकॉन्टेस्टेड” यानी बिना किसी चुनौती के अपने नियंत्रण में ले लेंगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद अमेरिकी और इजराइली विमान दिन-रात लगातार उड़ान भरेंगे और ईरान की मिसाइल क्षमताओं, रक्षा उद्योग और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएंगे। अमेरिकी रक्षा मंत्री के मुताबिक इस अभियान में ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों और नेतृत्व को भी टारगेट किया जाएगा।

हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी और इजराइली विमान तेहरान समेत पूरे ईरान के ऊपर लगातार उड़ान भरेंगे,ताकि ईरानी नेतृत्व को साफ संदेश दिया जा सके कि आसमान पर पूरी तरह अमेरिकी-इजराइली ताकत का नियंत्रण है।उनके बयान के अनुसार, यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक अमेरिका और उसके सहयोगी इसे खत्म करने का फैसला नहीं कर लेते।

इससे पहले, श्रीलंकाई सरकार ने कहा कि द्वीप की क्षेत्रीय जल सीमा के ठीक बाहर एक ईरानी सैन्य जहाज के डूबने के बाद उसने कई शव बरामद किए और 32 घायल नाविकों को बचाया। देश के उप विदेश मंत्री ने स्थानीय टेलीविजन को बताया कि इस हमले में कम से कम 80 लोग मारे गए। अधिकारियों ने बताया था कि दक्षिणी श्रीलंका के गाले से लगभग 40 समुद्री मील (75 किमी) दूर स्थित फ्रिगेट आईआरआईआईएस डेना ने बुधवार को सुबह 6 बजे से 7 बजे (00:30 से 01:30 जीएमटी) के बीच संकटकालीन संदेश भेजा। जहाज में करीब 180 चालक दल के सदस्य सवार थे और खोज एवं बचाव अभियान जारी था।

भारत से लौट रहा था ईरानी जहाज

ईरानी फ्रिगेट पिछले महीने पूर्वी भारत के तटीय शहर विशाखापत्तनम में आयोजित 2026 अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा में भाग लेने के बाद लौट रहा था। श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेरथ ने संसद को बताया कि नौसेना को सूचना मिली थी कि जहाज संकट में है और सरकार ने बचाव अभियान पर जहाज और वायु सेना के विमान भेजे। श्रीलंका नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि जिस क्षेत्र में ईरानी युद्धपोत डूबा, वहां कोई अन्य जहाज या विमान नहीं देखा गया।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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