Iran-US War: पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष एक खतरनाक नए दौर में प्रवेश कर गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधे सैन्य हमले की धमकी दी। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुई बाधाओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार हिल उठे हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि तेहरान 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में विफल रहता है, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा और उन्हें पूरी तरह तबाह कर देगा। इस बीच ईरान ने ट्रंप की चेतावनी के कुछ घंटों बाद होर्मुज द्वीप के पास 'दुश्मन के F-15' को मार गिराया है। इसका वीडियो भी जारी किया है।
ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया है कि होर्मुज द्वीप के पास एक F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया गया है। फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, देश के संयुक्त वायु रक्षा मुख्यालय ने कहा कि दक्षिणी तटीय आसमान में जमीन से हवा में मार करने वाली रक्षा प्रणालियों द्वारा एक 'दुश्मन F-15' को रोका गया और निशाना बनाया गया।
बयान में कहा गया, 'सेना की वायु रक्षा प्रणाली द्वारा एक घुसपैठ करने वाले लड़ाकू विमान को निशाना बनाया गया।' ईरान के प्रेस टीवी ने भी इस घटना की रिपोर्ट दी और एक वीडियो साझा किया, जिसमें दावा किया गया कि उसमें विमान को मार गिराए जाने का दृश्य दिखाया गया है।
ट्रंप के अलग-अलग रुख
48 घंटे की चेतावनी ट्रंप की उन पिछली टिप्पणियों के बावजूद आई है, जिनमें उन्होंने इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों को 'धीरे-धीरे खत्म करने' का संकेत दिया था। ब्लूमबर्ग के अनुसार, उनके बदलते रुख ने वैश्विक बाजारों और सरकारों को वॉशिंगटन के अगले कदम को लेकर अनिश्चितता में डाल दिया है।
वहीं, हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल और गैस का लगभग 20% हिस्सा ढोने वाली एक महत्वपूर्ण ऊर्जा धमनी है, इसमें जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड वायदा $112.19 पर बंद हुआ, जो आपूर्ति में आ रहे बढ़ते संकट को दर्शाता है।
