'मोहम्मद यूनुस खूनी फासीवादी’; निर्वासन काट रहीं हसीना ने पहली बार बोला सार्वजनिक हमला, ढाका की सत्ता को बताया अवैध
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Jan 23, 2026, 10:04 PM IST
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने निर्वासन में रहते हुए भारत से अपना अब तक का सबसे आक्रामक और भावनात्मक राजनीतिक संबोधन दिया है। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को ऑडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए और उनकी सरकार को गैर-कानूनी, हिंसक, फासीवादी और विदेशी ताकतों की कठपुतली करार दिया।
शेख हसीना ने दिल्ली से बोला मोहम्मद युनूस पर हमला।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 2024 में सत्ता से हटाए जाने के बाद भारत से अपना पहला सार्वजनिक संबोधन करते हुए नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली के फॉरेन करेस्पॉन्डेंट्स क्लब में आयोजित ‘सेव डेमोक्रेसी इन बांग्लादेश’ कार्यक्रम में ऑडियो संदेश के जरिए शेख हसीना ने अपना संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने यूनुस को बार-बार 'खूनी फासीवादी', देशद्रोही और विदेशी ताकतों का मोहरा करार दिया। इस दौरान उन्होंने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाले अंतरिम प्रशासन को गैर-कानूनी, हिंसक और विदेशी समर्थित कठपुतली सरकार बताते हुए उसे तत्काल हटाए जाने की मांग की।
‘पूरा देश एक विशाल जेल बन चुका है’
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को ऑडियो संदेश के जरिए संबोधित करते हुए शेख हसीना ने कहा कि आज बांग्लादेश इतिहास के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है। पांच अगस्त 2024 को उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत सत्ता से जबरदस्ती हटाया गया, जबकि वे जनता द्वारा सीधे चुनी गई प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने कहा कि उस दिन से बांग्लादेश आतंक के ऐसे दौर में डूब गया है जो बेरहम, लगातार और दम घोंटने वाला है। लोकतंत्र अब निर्वासन में है। उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेश एक खाई के किनारे खड़ा है, एक ऐसा देश जो बुरी तरह घायल और लहूलुहान है, और अपने इतिहास के सबसे खतरनाक दौर से गुज़र रहा है। राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में महान मुक्ति संग्राम से हासिल की गई हमारी मातृभूमि अब चरमपंथी सांप्रदायिक ताकतों और विदेशी अपराधियों के भयानक हमले से तबाह हो गई है। हमारी कभी शांत और उपजाऊ ज़मीन अब एक घायल, खून से लथपथ मैदान बन गई है। सच तो यह है कि पूरा देश एक विशाल जेल, एक फांसी का मैदान, मौत की घाटी बन गया है।
यूनुस पर बोला व्यक्तिगत हमला
शेख हसीना ने मोहम्मद यूनुस पर बेहद कड़े शब्दों में हमला करते हुए उन्हें कातिल फासीवाद, सूदखोर, मनी लॉन्डरर और लुटेरा करार दिया। हसीना ने अपने ऑडियो संबोधन में कहा कि मोहम्मद यूनुस सत्ता का भूखा गद्दार है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस और उनके सहयोगियों ने देश को विदेशी हितों के हाथों गिरवी रख दिया है और बांग्लादेश को विनाश की ओर धकेल दिया है।
पांच सूत्रीय राजनीतिक मांगे रखी
- अवामी लीग की ओर से शेख हसीना ने बांग्लादेश को “ठीक करने” और देश को संकट से बाहर निकालने के लिए पांच जरूरी कदम उठाने की मांग की।
- यूनुस के नेतृत्व वाले “गैर-कानूनी प्रशासन” को हटाकर लोकतंत्र बहाल किया जाए और स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनावों का रास्ता खोला जाए।
- सड़कों पर रोजाना हो रही हिंसा, लूटपाट और अराजकता को तुरंत खत्म किया जाए, ताकि आम लोगों को सुरक्षा और स्थिरता मिल सके।
- धार्मिक अल्पसंख्यकों, महिलाओं, लड़कियों और समाज के सबसे कमजोर वर्गों की सुरक्षा की पक्की और गैर-समझौता योग्य गारंटी दी जाए।
- पत्रकारों, अवामी लीग के कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को डराने, चुप कराने और जेल भेजने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कथित राजनीतिक कानूनी हथकंडों को समाप्त किया जाए और न्यायपालिका की निष्पक्षता बहाल की जाए।
- पिछले एक वर्ष की घटनाओं की नई और पूरी तरह निष्पक्ष जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र को आमंत्रित किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
मुक्ति संग्राम की भावना में जनता से आह्वान
शेख हसीना ने इस संदेश में बांग्लादेश की जनता से मुक्ति संग्राम की भावना को याद करते हुए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर विदेशी समर्थक कठपुतली सरकार को हटाने के लिए देश के बहादुर बेटे-बेटियों को शहीदों के खून से लिखे संविधान की रक्षा करनी होगी।अपनी आज़ादी वापस पानी चाहिए, अपनी संप्रभुता की रक्षा करनी चाहिए, और हमारे लोकतंत्र को फिर से ज़िंदा करना चाहिए। आइए, हम सभी लोकतांत्रिक, प्रगतिशील, और गैर-सांप्रदायिक ताकतें, जो मुक्ति संग्राम के समर्थक हैं, एक मानवीय और कल्याणकारी लोकतांत्रिक राज्य बनाने और खूनी फासीवादी और उसके साथियों के धोखे भरे मंसूबों का पक्के इरादे से सामना करने की गंभीर शपथ लें। अवामी लीग आज़ाद बांग्लादेश की सबसे पुरानी और सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक पार्टी है, जो हमारे देश की संस्कृति और लोकतंत्र से गहराई से जुड़ी हुई है, बांग्लादेश की राजनीतिक और धार्मिक बहुलवाद की गौरवशाली परंपराओं की रक्षक है, और हमारे कानूनों और संविधान की पक्की समर्थक है। हमारे देशवासियों के लिए इस सबसे बुरे समय में, हम आपको उस समृद्ध मातृभूमि को वापस दिलाने में मदद करने के अपने संकल्प को दोहराते हैं जो आपसे छीन ली गई थी।अवामी लीग को बताया लोकतंत्र की रीढ़
अपने भाषण में शेख हसीना ने अवामी लीग को आजाद बांग्लादेश की सबसे पुरानी और सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक पार्टी बताया। उनका कहना था कि पार्टी देश की संस्कृति, लोकतंत्र, राजनीतिक और धार्मिक बहुलवाद से गहराई से जुड़ी हुई है और संविधान व कानून की मजबूत रक्षक रही है। उन्होंने कहा कि इस “सबसे बुरे दौर” में अवामी लीग जनता को वह “समृद्ध मातृभूमि” वापस दिलाने के अपने संकल्प को दोहराती है, जो उनसे छीन ली गई है।