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एक फोटो के कारण FBI के पूर्व चीफ पर लगा ट्रंप को हत्या की धमकी देने का आरोप; 20 साल की हो सकती है जेल; जानें क्या है मामला

FBI के पूर्व निदेशक जेम्स कोमी पर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की धमकी देने के आरोप में दो बड़े केस दर्ज किए गए हैं। जानें क्या है '86 47' समुद्री सीपियों का वह रहस्यमयी मामला।

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कोमी पर लगे हैं दो बड़े आरोप (AP)

Photo : AP

अमेरिका की राजनीति और न्याय प्रणाली में उस समय भारी हड़कंप मच गया, जब एफबीआई (FBI) के पूर्व निदेशक जेम्स कोमी (James Comey) के खिलाफ राष्ट्रपति की हत्या की धमकी देने के आरोप में दो गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए गए। कार्यकारी अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने मंगलवार को घोषणा की कि एक संघीय ग्रैंड ज्यूरी ने कोमी को राष्ट्रपति के जीवन के लिए खतरा पैदा करने के दो 'फेलनी काउंट्स' पर दोषी ठहराया है।

'86 47' वाला वह रहस्यमयी फोटो

यह पूरा मामला 15 मई 2025 को जेम्स कोमी द्वारा सोशल मीडिया (Instagram) पर पोस्ट की गई एक तस्वीर से जुड़ा है। कोमी ने समुद्र तट पर बिखरी हुई कुछ समुद्री सीपियों (Seashells) की फोटो पोस्ट की थी, जिन्हें '86 47' के आकार में सजाया गया था। प्रॉसिक्यूशन का आरोप है कि '86' अमेरिकी स्लैंग में किसी को 'खत्म करने' या 'निकालने' के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि '47' सीधे तौर पर अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति की ओर इशारा करता है। अधिकारियों के अनुसार, यह राष्ट्रपति के खिलाफ हत्या का एक गुप्त आह्वान या धमकी थी।

अटॉर्नी जनरल की चेतावनी: "कोई नरमी नहीं"

कार्यकारी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि न्याय विभाग (DOJ) किसी भी व्यक्ति के प्रति नरमी नहीं दिखाएगा, चाहे वह पूर्व में कितने ही ऊंचे पद पर क्यों न रहा हो। कोमी पर दो मुख्य आरोप लगाए गए हैं। पहला, राष्ट्रपति को शारीरिक नुकसान पहुंचाने या जान से मारने की जानबूझकर धमकी देना। दूसरा संचार के माध्यम (इंटरस्टेट कॉमर्स) से राष्ट्रपति की हत्या की धमकी प्रसारित करना। इनमें से प्रत्येक आरोप में अधिकतम 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान है, जिसका मतलब है कि कोमी को कुल 20 साल की जेल हो सकती है।

मामले पर क्या बोले कोमी

अपने ऊपर लगे आरोपों के बाद जेम्स कोमी ने 'सबस्टैक' (Substack) पर एक वीडियो जारी कर अपनी बेगुनाही का दावा किया है। उन्होंने कहा, "मैं अब भी बेगुनाह हूं और मैं डरा हुआ नहीं हूं। मुझे स्वतंत्र संघीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, इसलिए चलिए अब अदालत में ही फैसला होगा।" कोमी ने पहले स्पष्ट किया था कि उन्होंने सीपियों को व्यवस्थित नहीं किया था, बल्कि वे उन्हें वैसे ही मिली थीं और उन्होंने इसे महज एक 'राजनीतिक संदेश' समझकर पोस्ट किया था।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने पाम बोंडी को हटाकर टॉड ब्लैंच को कार्यकारी अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया है, जो पहले ट्रंप के निजी वकील रह चुके हैं। कोमी के समर्थकों और कई कानूनी विशेषज्ञों ने इस कार्रवाई को 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया है, जबकि सरकारी पक्ष इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून का कड़ाई से पालन बता रहा है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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