Israel Hamas War: इजराइल और हमास के बीच गाजा में पिछले एक साल से छिड़ी जंग थम सकती है। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतेह अल सीसी ने इस जंग को रोकने के लिए ऑफर दिया है। मिस्र के राष्ट्रपति ने कहा है कि उनके देश ने इजराइल और हमास के बीच दो दिन के संघर्षविराम का प्रस्ताव रखा है और इस दौरान गाजा में बंधक बनाए गए चार लोगों को रिहा कर दिया जाएगा।
राष्ट्रपति अब्देल-फतेह अल सीसी ने काहिरा में कहा कि प्रस्ताव में कुछ फलस्तीनी कैदियों की रिहाई और गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचाना भी शामिल है। यह पहली बार है जब मिस्र के राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से ऐसी योजना प्रस्तावित की है। माना जा रहा है कि मिस्र के राष्ट्रपति की ओर से इस तरह का प्रस्ताव, पिछले एक साल से चली आ रही जंग को पूर्ण युद्धविराम की तरफ ले जाना है।
हमास और इजराइल ने नहीं दी प्रतिकिया
कतर और अमेरिका के साथ मिस्र एक प्रमुख मध्यस्थ रहा है। हालांकि, मिस्र के राष्ट्रपति की ओर से आए इस प्रस्ताव पर इजराइल या हमास की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अल-सिसी ने कहा कि प्रस्ताव का उद्देश्य स्थिति को बेहतर करने का मार्ग प्रशस्त करना है। उन्होंने कहा कि एक बार दो दिवसीय संघर्षविराम लागू हो जाने के बाद इसे स्थायी बनाने के लिए बातचीत जारी रहेगी।
नेतन्याहू का विरोध
उधर, दक्षिणी इजराइल पर हमास के हमले के पीड़ितों की याद में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संबोधन को प्रदर्शनकारियों ने बाधित किया। प्रदर्शनकारियों ने शर्म करो के नारे लगाए और हंगामा किया, जिससे नेतन्याहू को अपना भाषण शुरू होने के कुछ ही समय बाद रोकना पड़ा। इस प्रमुख स्मृति कार्यक्रम का पूरे देश में सीधा प्रसारण किया जा रहा है। कई इजराइलियों का मानना है कि नेतन्याहू की विफलताओं के परिणामस्वरूप ही हमास सात अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हमला कर पाया था। साथ ही ये लोग गाजा में हमास द्वारा बंधक बनाए गए शेष बंधकों को अब तक नहीं छुड़ाने के लिए भी नेतन्याहू को जिम्मेदार मानते हैं।
