दुनिया

ई-बाइक का खतरा फिर आया सामने, बैटरी में आग से तीन बेडरूम वाला घर जलकर राख, दर-दर भटक रहा परिवार

इस आग से घर के बुरी तरह नष्ट हो जाने के बाद परिवार के पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है। परिवार अब दोस्तों और रिश्तेदारों के रहमोंकरम पर है।

Image

बैटरी में लगी आग से घर हुआ बर्बाद

E-Bike Battery Fire: यूके के यॉर्कशायर में हुई एक घटना ने बताया है कि ई-बैटरी को लेकर बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। मेट्रो के अनुसार, एक ई-बाइक बैटरी की आग ने एक घर को पूरी तरह राख कर दिया और अब ये बेघर हो गए हैं। घटना के बाद सात लोगों के परिवार के पास पहने हुए कपड़ों के अलावा और कुछ नहीं बचा। 9 जुलाई को आग में 40 वर्षीय साइमन ब्लैंशर्ड, उनकी साथी 25 वर्षीय लौरा नटले और उनके पांच बच्चों का तीन बेडरूम वाला घर पूरी तरह जलकर राख हो गया। परिवार का मानना है कि आग उस समय चार्ज हो रही ई-बाइक की बैटरी से लगी।

आग से घर के बुरी तरह नष्ट

आग से घर के बुरी तरह नष्ट हो जाने के बाद परिवार के पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है। फिलहाल, वे घर के लिए दोस्तों और रिश्तेदारों पर निर्भर हैं। ब्लैंशर्ड ने अपने घर और सामान के नुकसान पर दुख जताया है। उन्होंने कहा क हमने बिल्कुल सब कुछ खो दिया है। हम शून्य से शुरुआत कर रहे हैं।

साइमन जो वर्तमान में बेरोजगार है और डोनकास्टर, दक्षिण यॉर्कशायर से है। साइमन ने मेट्रो को बताया कि लगभग सब कुछ नष्ट हो गया है। जो कुछ नहीं जला, वह धुएं से क्षतिग्रस्त हो गया है, इसलिए घर में कुछ भी नहीं है जिसे हम बचा सकें। इस समय मैं अपने साथी की मां के यहां रुका हुआ हूं, हम बेघर हैं। बिना रोए एक भी दिन गुजारना बहुत कठिन है।

ई-बाइक बैटरियों के संभावित खतरे उजागर

इस घटना ने ई-बाइक बैटरियों के संभावित खतरों को उजागर किया है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक वाहनों से संबंधित सुरक्षा उपायों और प्रदूषण नियंत्रण में वृद्धि की मांग उठ रही है। कुछ महीने पहले, उत्सर्जन डेटा का विश्लेषण करने वाली कंपनी एमिशन एनालिटिक्स के एक अध्ययन ने इस विचार को चुनौती दी थी। वॉल स्ट्रीट जर्नल के ऑप-एड में छपा यह अध्ययन इलेक्ट्रिक और जीवाश्म ईंधन से चलने वाली दोनों कारों में ब्रेक और टायरों से पैदा होने वाले कण प्रदूषण की समस्या की ओर ध्यान दिलाता है।

मुख्य खोज यह है कि ईवी अपने भारी वजन के कारण कुशल एक्जिट फिल्टर वाले आधुनिक गैस चालित वाहनों की तुलना में ब्रेक और टायर से काफी अधिक कण पदार्थ छोड़ सकते हैं। अध्ययन से पता चलता है कि यह 1,850 गुना अधिक हो सकता है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article