Hush Money Case: अमेरिका के नवनिर्वाचिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 'हश मनी केस' में बड़ी राहत मिली है। डोनाल्ड ट्रंप को सभी 34 आरोपों में बिना शर्त छोड़ दिया है और उन्हें इस मामले में न तो जेल जाना पड़ेगा और न ही किसी प्रकार का कोई जुर्माना अदा करना होगा।
ट्रंप को शुक्रवार को एक पोर्न स्टार को पैसे देकर चुप रहने के लिए मजबूर करने के मामले में औपचारिक रूप से सजा सुनाई गई, लेकिन न्यायाधीश ने कोई सजा देने से इनकार कर दिया। इस फैसले को ट्रंप के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है और इससे उनके व्हाइट हाउस में बतौर राष्ट्रपति दूसरे कार्यकाल के लिए लौटने का रास्ता भी साफ हो गया है।
मैनहट्टन की एक अदालत के न्यायाधीश जुआन एम मर्चन 'हश मनी' मामले में 78 वर्षीय ट्रंप को चार साल की जेल की सजा सुना सकते थे। हालांकि, उन्होंने एक ऐसा फैसला चुना, जिसने मामले का प्रभावी ढंग से निपटारा करते हुए कई संवैधानिक मुद्दों को पनपने से रोक दिया।
ट्रंप अमेरिका में राष्ट्रपति पद पर काबिज होने वाले पहले ऐसे व्यक्ति होंगे, जिन्हें किसी आपराधिक मामले में दोषी करार देते हुए औपचारिक सजा सुनाई गई।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रंप द्वारा अपने एक सहयोगी के माध्यम से पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को 1,30,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किए जाने से जुड़ा हुआ है, ताकि वह उनके साथ यौन संबंध बनाने की बात सार्वजनिक न करे।
पूर्व राष्ट्रपति ने पॉर्न स्टार को मुंह बंद रखने के लिए भुगतान करने से जुड़े मामले में उच्चतम न्यायालय से सजा सुनाए जाने पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। उच्चतम न्यायालय ने ट्रंप की याचिका खारिज कर दी थी, जिससे न्यायमूर्ति मर्चन के लिए शुक्रवार को उनकी सजा का ऐलान करने का रास्ता साफ हो गया था। हालांकि, न्यायमूर्ति मर्चन ने संकेत दिए थे कि वह ट्रंप को जेल की सजा नहीं सुनाएंगे और न ही उन पर कोई जुर्माना या प्रतिबंध लगाएंगे।
