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'दित्वाह' से श्रीलंका में तबाही: अब तक 479 की मौत, 14 लाख से अधिक प्रभावित; 25 जिलों में से 22 आपदा क्षेत्र घोषित

चक्रवात ‘दित्वाह’ के बाद बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहे श्रीलंका में बुनियादी संरचनाएं ध्वस्त होने से कई जिले अलग-थलग पड़ गए हैं। देश की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है।

DITWAH

श्रीलंका में चक्रवाती तूफान दित्वाह ने मचाई तबाही। फोटो-पीटीआई।

श्रीलंका इन दिनों चक्रवात दित्वाह के कारण आई तबाही से जूझ रहा है। बाढ़ और भूस्खलन से द्वीप राष्ट्र का बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते कई जिले अलग-थलग पड़ गए हैं। राहत व बचाव तंत्र पर जबरदस्त दबाव के बीच सरकार ने बुधवार को 25 में से 22 जिलों को 'आपदा क्षेत्र'घोषित कर दिया। इसी बीच भारत ने पड़ोसी पहले की अपनी नीति पर काम करते हुए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत मानवीय सहायता भेजना जारी रखा है।

बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 479 लोगों की मौत

सोलह नवंबर से बुधवार शाम तक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 479 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 350 लोग लापता हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 14 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, तथा 2,33,000 से अधिक लोग 1,441 राहत केंद्रों में शरण लिए हुए हैं।

श्रीलंका को 6-7 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान

समाचार एजेंजी पीटीआई के मुताबिक, नवंबर के आखिरी सप्ताह में आए चक्रवात के कारण श्रीलंका को 6-7 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ है। यह आंकड़ा देश के जीडीपी का लगभग 3-5% है। इस बीच, राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने आपदा को लेकर कैबिनेट की विशेष बैठक की इसमें उन्होंने ‘दित्वाह’ के बाद पुनर्निर्माण कार्यों के लिए पूरक खर्च को मंजूरी दी गई। सरकार ने मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 2010 के तहत 22 जिलों को आधिकारिक रूप से ‘आपदा क्षेत्र’ घोषित किया। अधिकारियों ने बताया कि तीन दक्षिणी जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिलों को इसमें शामिल किया गया है।

भारत लगातार कर रहा मदद

वहीं, भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका को अपनी मानवीय सहायता जारी रखी है। जिसमें व्यापक हवाई, समुद्री और जमीनी अभियान चलाकर चक्रवात ‘दित्वाह’ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है। श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि भारत की त्वरित मदद दोनों देशों की मजबूत साझेदारी को दर्शाती है।

गौरतलब है कि मंगलवार को, भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने आठ टन से ज्यादा राहत सामग्री पहुंचाई और बच्चों, गर्भवती महिलाओं व गंभीर रूप से बीमार लोगों सहित 65 फंसे हुए लोगों को निकाला। मंगलवार को निकाले गए लोगों में जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया के नागरिक भी शामिल थे।

भारत ने पिछले महीने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया था, जो मानवीय सहायता और आपदा राहत पहल है। इसका उद्देश्य चक्रवात ‘दित्वाह’ से हुई तबाही से उबरने में श्रीलंका की मदद करना है।

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शिव शुक्ला
शिव शुक्ला Author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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