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जामिया में छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुए इमरान मसूद, पुलिस ने हिरासत में लिया, सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी भी हिरासत में लिए गए

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद आज जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों के समर्थन के लिए पहुंचे थे, जहां दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने छात्रों के समर्थन में कहा कि वे अपने बच्चों के लिए अपनी जान तक दे सकते हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए आरोप लगाया कि उनके अधिकारों को दबाने की कोशिश की जा रही है।

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इमरान मसूद को पुलिस ने हिरासत में लिया

Photo : PTI

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को हिरासत में लिया है। वे जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने भी आरोप लगाया कि छात्रों से मिलने जाते समय पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में लिया। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की। हालांकि नदवी को बाद में रिहा कर दिया गया।

इस दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने छात्रों के समर्थन में कहा कि वे अपने बच्चों के लिए अपनी जान तक दे सकते हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए आरोप लगाया कि उनके अधिकारों को दबाने की कोशिश की जा रही है।

मसूद ने कहा, 'मैं अपने बच्चों के लिए अपनी जान भी दे सकता हूं। ये मेरे बच्चे हैं और देश का भविष्य हैं। उनके अधिकारों को कुचलने की कोशिश की जा रही है। छात्रों को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया है। छात्रसंघ बहाल क्यों नहीं किया जा रहा है? आखिर ऐसी क्या वजह है कि आप छात्रसंघ को फिर से बहाल नहीं करना चाहते?'

छात्रों के अधिकारों के समर्थन में पहुंचे थे सपा सांसद

समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने भी पुलिस पर उन्हें हिरासत में लेने का आरोप लगाया। रामपुर से सांसद नदवी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि वह छात्रसंघ की बहाली की मांग कर रहे जामिया के छात्रों से मिलने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने कहा कि जामिया के पूर्व छात्र होने के नाते छात्रों के अधिकारों के समर्थन में खड़ा होना उनका कर्तव्य है। हालांकि, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग पर प्रदर्शन

बता दें कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ के नए संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति गठित की है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मुख्य मांग पर कायम हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रसंघ चुनाव का कार्यक्रम घोषित करने के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी करे।

17 अक्टूबर को भी हुआ था हंगामा

विश्वविद्यालय परिसर में 17 अक्टूबर को उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी, जब अधिकारियों ने गेट नंबर सात के पास स्थित गालिब लॉन से प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की थी। इसके बाद कई छात्र संगठनों ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। इस बीच, विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विभागों और केंद्रों में प्रवेश से पहले छात्रों की जांच की जा रही है। छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर जारी आंदोलन के बीच सांसदों को हिरासत में लिए जाने की घटनाओं से विवाद और बढ़ गया है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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