नौकरी में लंबे समय तक समय गुजारने के बाद रिटायर होना अलग अनुभव है। हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी आगे की जिंदगी चैन-सुकून से बीते। इसके लिए कई प्लान किए जाते हैं। लोग ऐसा शहर चुनना पसंद करते हैं, जहां अच्छे अस्पताल, अनुकूल मौसम और रोजमर्रा के खर्च को भी बैलेंस रखें। भारत में ऐसे कई शहर हैं, जो इन जरूरतों के लिहाज से बेहतर विकल्प बन सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में कोयंबटूर, मैसूर, चंडीगढ़, पुणे, कोच्चि, पुडुचेरी, गोवा, बेंगलुरु और चेन्नई समेत नौ शहरों का जिक्र किया गया है, जहां रिटायरमेंट के बाद रहने पर विचार किया जा सकता है।
शांत जीवन के विकल्प
तमिलनाडु का कोयंबटूर स्वास्थ्य सेवाओं और अपेक्षाकृत किफायती जीवन के लिए जाना जाता है। यहां कई बड़े अस्पताल मौजूद हैं। वहीं, कर्नाटक का मैसूर अपनी ऐतिहासिक विरासत, हरियाली और अपेक्षाकृत शांत माहौल के लिए पहचाना जाता है। जो लोग महानगरों की भागदौड़ से दूर रहना चाहते हैं, उनके लिए ये दोनों शहर विकल्प हो सकते हैं।
चंडीगढ़ और पुणे में आधुनिक सुविधाएं
चंडीगढ़ का नियोजित शहरी ढांचा, पार्क और चौड़ी सड़कें इसे रहने के लिहाज से आकर्षक बनाते हैं। यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ व्यवस्थित आवासीय क्षेत्र भी हैं। दूसरी ओर, महाराष्ट्र का पुणे बेहतर अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, मनोरंजन और परिवहन सुविधाओं के लिए जाना जाता है। हालांकि, पुणे में आवास की लागत इलाके के हिसाब से काफी अलग हो सकती है।
कोच्चि, पुडुचेरी और गोवा में समुद्र के करीब जिंदगी
केरल का कोच्चि हरियाली, बैकवॉटर और चिकित्सा सुविधाओं के लिए जाना जाता है। हालांकि, यहां की उमस भरी जलवायु को ध्यान में रखना जरूरी है। पुडुचेरी में समुद्रतट, ऐतिहासिक इमारतें और अपेक्षाकृत शांत जीवनशैली लोगों को आकर्षित करती हैं। वहीं, गोवा में समुद्र के करीब रहने और शांत आवासीय इलाकों में जीवन बिताने का विकल्प मिलता है। इन शहरों में रहने का खर्च और अस्पतालों तक पहुंच क्षेत्र के अनुसार बदल सकती है।
बेंगलुरु और चेन्नई में बड़े अस्पतालों का नेटवर्क
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों के बड़े नेटवर्क के लिए जानी जाती है। यहां का मौसम भी कई लोगों को अनुकूल लगता है, लेकिन ट्रैफिक और आवास की लागत परेशानी पैदा कर सकती है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई भी चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख केंद्रों में शामिल है।
रिटायरमेंट के लिए शहर चुनते समय किन बातों का रखें ध्यान?
रिटायरमेंट के बाद रहने के लिए किसी शहर का चुनाव केवल कम खर्च या अच्छे मौसम के आधार पर नहीं करना चाहिए। अस्पताल और विशेषज्ञ डॉक्टर कितनी दूरी पर हैं, घर का किराया या रखरखाव कितना है, स्थानीय परिवहन की सुविधा कैसी है और परिवार तक पहुंचना कितना आसान है, इन सभी पहलुओं पर विचार करना जरूरी है।
