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भारत-ट्रेड डील पर जयशंकर का बयान, बोले-'तैयार हो रहे व्यापार वार्ता के ब्योरे, मैं ज्यादा कुछ नहीं बता सकता'

विदेश मंत्री ने कहा कि ट्रेड डील पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच बात हुई और दोनों नेताओं ने इस बारे में कुछ घोषणा की है। वहीं, भारत में विपक्ष सरकार से इस ट्रेड डील के ब्योरे सार्वजनिक करने की मांग कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस ट्रेड डील में किसानों के हितों के साथ समझौता हुआ है।

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विदेश मंत्री एस जयशंकर।

Photo : PTI

S Jaishankar: भारत-अमेरिका ट्रेड डीलपर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बयान दिया है। जयशंकर ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा कि 'इस ट्रेड वार्ता के ब्योरे तैयार किए जा रहे हैं।' विदेश मंत्री क्रिटिकल मिनरल्स बैठक में शामिल होने के लिए वाशिंगटन गए हैं। इस कार्यक्रम से इतर समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में उन्होंने यह बात कही। जयशंकर ने कहा कि इस ट्रेड डील के बारे में उनकी ओर से टिप्पणी किया जाना सही नहीं होगा क्योंकि इसे वाणिज्य मंत्रालय देख रहा है।

ट्रेड डील के ब्योरे सार्वजनिक करने की मांग कर रहा विपक्ष

विदेश मंत्री ने कहा कि ट्रेड डील पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच बात हुई और दोनों नेताओं ने इस बारे में कुछ घोषणा की है। वहीं, भारत में विपक्ष सरकार से इस ट्रेड डील के ब्योरे सार्वजनिक करने की मांग कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस ट्रेड डील में किसानों के हितों के साथ समझौता हुआ है लेकिन सरकार विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर रही है।

'आपूर्ति श्रृंखलाओं के समक्ष जोखिम को कम करना जरूरी'

विदेश मंत्री ने महत्वपूर्ण खनिजों का कुछ ही जगहों पर ’अत्यधिक संक्रेंद्रण’ होने से संबंधित चुनौतियों का उल्लेख करते हुए बुधवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखलाओं के समक्ष जोखिम को कम करना जरूरी है। वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित पहले ’क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयशंकर ने महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी ’फोर्ज’ नामक पहल के प्रति भारत के समर्थन की भी जानकारी दी।

'क्रिटिकल मिनरल्स सम्मेलन’ को संबोधित किया

जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'आज वाशिंगटन डीसी में 'क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल सम्मेलन’ को संबोधित किया। अत्यधिक संकेंद्रण से जुड़ी चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से आपूर्ति शृंखलाओं के जोखिम को कम करने के महत्व को रेखांकित किया।' उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन समेत पहलों के जरिए अधिक लचीलापन हासिल करने की दिशा में भारत के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।

कई देशों के विदेश मंत्रियों से मिले

मंत्रिस्तरीय सम्मेलन शुरू होने से पहले जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद और सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन समेत कई नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने नीदरलैंड्स, इटली, मलेशिया, बहरीन, मंगोलिया, पोलैंड, रोमानिया, इजराइल और उज्बेकिस्तान के अपने समकक्षों से भी बातचीत की।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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