भारत और रूस की दोस्ती सदियों पुरानी है। दोनों देशों की दोस्ती पारंपरिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi) और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (vladimir putin) की दोस्ती से रिश्ता और मजबूत हुआ। अमेरिका और पश्चिमी देशों के भारी विरोध के बावजूद भारत सरकार ने अपनी विदेश नीति से कोई समझौता नहीं किया और रूस के साथ अपना व्यापार जारी रखा। दोनों देशों की दोस्ती नए मुकाम पर पहुंच गई है। रूस अब भारत का चौथा व्यापारिक साझीदार बन गया है। अप्रैल से दिसंबर तक ही रूस से आयात 5 गुना बढ़ गया है। रूस के साथ भारत का आयात 32.9 अरब डॉलर हो गया है। आने वाले समय में यह 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। रूस से भारत मुख्य रूप के कच्चा तेल, हथियार और फर्टिलाइजर आयात कर रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से ही अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने रूप कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाए। लेकिन इस दौरान भी भारत रूस से कच्चा तेल आयात करता रहा। पश्चिमी देशों ने आंखें भी दिखाई लेकिन भारत ने अपने हितों से समझौता नहीं किया। रूस भारत का पुरानी दोस्त और महाशक्ति है।
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VIDEO: अमेरिका ने दिखाई आंख, पीएम मोदी नहीं माने, पुतिन से दोस्ती कर बनाया ये रिकॉर्ड
- Written by: रामानुज सिंह
- Updated Jan 18, 2023, 04:23 PM IST
