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चीन का इंतजाम करने आज रूस जा रहे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, INS तुशील को नौसेना में करेंगे शामिल

Rajnath Singh Russia Visit: दुनिया भर में तकनीकी रूप से सबसे उन्नत फ्रिगेट में से एक माने जाने वाले आईएनएस तुशील युद्धपोत से हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां चीन की बढ़ती गतिविधियां देखी गई हैं।

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तीन दिवसीय रूस दौरे पर राजनाथ सिंह।

Rajnath Singh Russia Visit: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को रूस की तीन दिवसीय यात्रा पर जायेंगे। वह भारतीय नौसेना के एक स्टील्थ युद्धपोत का जलावतरण देखेंगे और अपने रूसी समकक्ष आंद्रे बेलौसोव के साथ सैन्य साजोसामान के सह-उत्पादन में द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार पर बातचीत करेंगे। रूस निर्मित बहु-भूमिका स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस तुशील को सोमवार को तटीय शहर कलिनिनग्राद में जलावतरण किया जाएगा।

दुनिया भर में तकनीकी रूप से सबसे उन्नत फ्रिगेट में से एक माने जाने वाले इस युद्धपोत से हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां चीन की बढ़ती गतिविधियां देखी गई हैं। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी जलावतरण समारोह में राजनाथ सिंह के साथ रहेंगे। शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि रक्षा मंत्री सिंह 8 से 10 दिसंबर तक रूस की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।

10 दिसंबर को मॉस्को में बैठक की करेंगे सह-अध्यक्षता

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राजनाथ सिंह और बेलौसोव 10 दिसंबर को मॉस्को में सैन्य और सैन्य तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी) की 21वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। बता दें, रक्षा मंत्री की रूस यात्रा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मॉस्को यात्रा और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ शिखर वार्ता के पांच महीने बाद हो रही है। वार्ता में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और मजबूत करने का निर्णय लिया।

INS तुशील को नौसेना में होगा शामिल

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक सिंह और बेलौसोव रक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा करेंगे, जिसमें सैन्य एवं औद्योगिक सहयोग शामिल है। इसमें कहा गया है, वे आपसी हितों के समकालीन क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। सिंह की यात्रा की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि सैन्य साजोसामान के सह-उत्पादन में भारत-रूस सहयोग दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच बातचीत में प्रमुखता से शामिल होगा।

मंत्रालय ने कहा, यात्रा के तहत रक्षा मंत्री नौ दिसंबर को कलिनिनग्राद के यंत्र शिपयार्ड में नवीनतम बहु-भूमिका वाले स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस तुशील को भारतीय नौसेना में शामिल करेंगे। इसमें कहा गया है कि सिंह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मारे गए सोवियत सैनिकों के सम्मान में मॉस्को में ‘अज्ञात सैनिक की समाधि’ पर श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे। उनका मॉस्को में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत करने का भी कार्यक्रम है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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