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Hong Kong Fire: एक चिंगारी ने अबतक लील लीं 128 जिंदगियां; 1948 के बाद सबसे बड़े अग्निकांड का सामना कर रहा हांगकांग

वांग फुक कोर्ट परिसर के आठ टावरों में से एक में बुधवार दोपहर को आग लगी थी, जो तेजी से एक के बाद सात अन्य इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। यह आग हांगकांग के इतिहास का दूसरी सबसे भीषण अग्निकांड है।

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हांगकांग में भीषण आग से मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 128। फोटो- पीटीआई।

हांगकांग के ताई पो इलाके में भीषण आग से मरने वालों की संख्या बढ़कर 128 हो गई है। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। इस बारे में सुरक्षा सचिव क्रिस टैंग ने बताया कि पीड़ितों की तलाश जारी है और मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। बता दें कि बुधवार को लगी भीषण आग ने पूरे शहर को दहला दिया है।

1948 के बाद दूसरा सबसे बड़ा अग्निकांड

वांग फुक कोर्ट परिसर के आठ टावरों में से एक में बुधवार दोपहर को आग लगी थी, जो तेजी से एक के बाद सात अन्य इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। यह आग हांगकांग के इतिहास का दूसरी सबसे भीषण अग्निकांड है। इससे पहले, 1996 में कॉव्लून की एक व्यावसायिक इमारत में लगी आग में 41 लोग मारे गए थे। वहीं, 1948 में एक गोदाम में लगी आग में 176 लोग मारे गए थे।

तलाशी अभियान जारी, जहां से आईं सबसे ज्यादा कॉल वे फ्लैट्स प्राथमिकता में

राहत और बचाव कार्य में लगे फायर सर्विसेज के डिप्टी डायरेक्टर डेरेक आर्मस्ट्रांग चान ने बताया कि तलाशी अभियान अभी भी जारी है। बचावकर्मी जल चुके फ्लैट्स के हर एक कमरे को जांच रहे हैं। जिन फ्लैटों से आग के दौरान सबसे ज्यादा मदद मांगी गई, लेकिन टीम वहां तक नहीं पहुंच सकी थी, उन्हें जांच के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अंतिम रूप से लापता लोगों की संख्या तभी तय होगी जब तलाशी अभियान पूरा हो जाएगा।

24 घंटे में हजार से ज्यादा फायरफाइटर्स ने पाया आग पर काबू

आग बुधवार दोपहर एक टावर में लगी और वहां चल रहे नवीनीकरण के दौरान लगाई गई बांस की मचान और जालियों की वजह से बेहद तेजी से सातों टावरों में फैल गई। आग पर काबू पाने में 1,000 से ज्यादा फायरफाइटर्स को करीब 24 घंटे लगे। हालांकि अब जबकि इस घटना को दो दिन बीत चुके हैं, तब भी जले हुए ढांचों से धुआं उठता दिख रहा है।

2000 अपार्टमेंट में 4,800 निवासी, कितने लापता

बता दे कि वांग फुक कोर्ट के सात आवासीय टावरों टावरों में लगभग 2,000 अपार्टमेंट थे। इनमें करीब 4,800 लोग रहते थे। ऐसे में बिल्डिंग के अंदर अभी कितने लोग फंसे रह गए होंगे, यह साफ नहीं है। वर्तमान में करीब 900 लोगों को अस्थायी शेल्टरों में रखा गया है जबकि अब तक 70 से ज्यादा लोग घायल हैं। इनमें 11 फायरफाइटर्स भी शामिल हैं।

मरने वालों में बुजुर्गों की संख्या सबसे ज्यादा अधिक

हांगकांग की इस सबसे बड़ी त्रासदी में सबसे ज्यादा मरने वालों की संख्या पहले दो टावरों में सामने आई है। दरअसल, इन दो टावरों में आग सबसे पहले और सबसे तेज फैली, यही कारण रहा कि इनमें रहने वाले लोग बाहर निकल ही नहीं सके। वहीं, मरने वाले लोगों में सबसे बड़ी संख्या में बुजुर्गों की मौत हुई है। गौरतलब है कि यह अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स 1980 के दशक में बनाया गया था। इन दिनों इसका नवीनीकरण कराया जा रहा था।

शुरू हुई मामले की जांच

इस भीषण अग्निकांड की जांच हांगकांग के एंटी-करप्शन ब्यूरो ने शुरू कर दी है। एंटी-करप्शन ब्यूरो ने नवीनीकरण ठेका और इसके लिए खरीदी गई सामग्री में भ्रष्टाचार की आशंका जताई है। साथ ही विभाग ने नवीनीकरण से जुड़े एक निर्माण ठेकेदार कंपनी के तीन निदेशकों और एक इंजीनियरिंग कंसल्टेंट को गैरइरादतन हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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