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Covid BF.7 : एशिया के इस देश में हैं कोरोना के सबसे ज्यादा एक्टिव केस लेकिन पतली हो गई चीन की हालत

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Dec 23, 2022, 03:11 PM IST

Covid BF.7 : इन पांच देशों में ओमीक्रोन के सब-वैरिएंट्स लोगों को बीमार बना रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा एक्टिव केस जापान में हैं। वर्ल्ड मीटर की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 39,469 है जबकि जापान में 6,74,579 एक्टिव केस हैं।

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जापान में कोरोना के सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं।

Covid BF.7 : कोविड के नए सब-वैरिएंट्स का कहर चीन सहित अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्राजील में देखने को मिल रहा है। इन सभी देशों में चीन की हालत सबसे खराब है। यहां ओमीक्रोन वैरिएंट का सब-वैरिएंट बीएफ.7 तेजी से लोगों को बीमार बना रहा है। चीन कोरोना संक्रमण के अपने सबसे बुरे दौर का सामना कर रहा है। यहां कोरोना इतना बेकाबू हो गया है कि उस पर नियंत्रण पाना चीन की सरकार के लिए मुश्किल हो गया है। स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। अस्पतालों में मरीजों को बेड्स नहीं मिल पा रहे हैं। इलाज के लिए बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं।

जापान में कोरोना के सबसे ज्यादा एक्टिव केस

इन पांच देशों में ओमीक्रोन के सब-वैरिएंट्स लोगों को बीमार बना रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा एक्टिव केस जापान में हैं। वर्ल्ड मीटर की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 39,469 है जबकि जापान में 6,74,579 एक्टिव केस हैं। अमेरिका में 1,950,954, दक्षिण कोरिया में 1,203,245, ब्राजील में एक्टिव केस की संख्या 675,506 है। एक्टिव केस की संख्या को देखते हुए सबसे ज्यादा खराब हालत जापान की होनी चाहिए थी लेकिन यह बताता है कि जापान में लोगों को संक्रमित करने वाला कोरोना का सब-वैरिएंट कमजोर है और लोगों को वह गंभीर रूप से बीमार नहीं कर रहा है।

संक्रमण को नियंत्रित नहीं कर पा रही चीन की सरकार

कोरोना पर चीन के आंकड़े हमेशा संदेहों में रहे हैं। कोविड की शुरुआत नवंबर-दिसंबर 2019 में चीन के वुहान शहर से हुई। कम्यूनिस्ट देश पर आरोप लगता है कि उसने कोविड से जुड़े सही तथ्य एवं जानकारी उपलब्ध नहीं कराई और कोरोना को लेकर उसने दुनिया को गुमराह किया। सोशल मीडिया एवं अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में चीन में कोरोना के प्रकोप पर अब जो जानकारी एवं बातें सामने आई हैं, वे इस देश की बदहाली एवं दुर्दशा को बयां कर रही हैं। हालात यह हो गए हैं कि चीन की सरकार संक्रमण को नियंत्रित नहीं कर पा रही है। अस्पताल में लोगों का इलाज करने वाला स्टॉफ भी कोरोना की चपेट में आ रहा है।

संक्रमण इस बार चीन के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचा

यहां तक कि दवा की दुकानों में बुखार एवं अन्य दवाओं की किल्लत हो गई है। चीन में सक्रमण की दर एवं वहां के हालातों को देखने के बाद प्रतिष्ठित पत्रिकाओं 'लैंसेट' एवं 'द इकोनॉमिस्ट' ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में चीन में कोरोना संक्रमण से 20 लाख तक मौतें हो सकती हैं। जाहिर है कि चीन में कोरोना इस बार घातक होकर उबरा है। संक्रमण अभी तक चीन के सुदूर एवं ग्रामीण इलाकों तक नहीं पहुंचा था लेकिन इस बार वह ग्रामीण क्षेत्रों में दस्तक दे चुका है। ग्रामीण इलाकों में संक्रमण की चपेट में आने वाले ऐसे बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है जिन्हें कोविड का टीका नहीं लगा है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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