Xi Jinping North Korea Visit: चीन के राष्ट्रपति और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी जिनपिंग सोमवार को दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचे। प्योंगयांग हवाई अड्डे पर उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और उनकी पत्नी री सोल जू ने शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लीयुआन का गर्मजोशी से स्वागत किया।
विमान से उतरने के बाद शी जिनपिंग और किम जोंग उन ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और आपसी मित्रता का प्रदर्शन किया। इस दौरान दो बच्चों ने शी जिनपिंग और पेंग लीयुआन को फूल भेंट कर उनका स्वागत किया।
दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करेगी यात्रा
शी जिनपिंग की यह यात्रा चीन और उत्तर कोरिया के बीच करीबी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चीन के राष्ट्रपति और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी जिनपिंग ने उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि चीन और उत्तर कोरिया को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सकारात्मक योगदान देना चाहिए।
सात सालों में पहली यात्रा
शी जिनपिंग सोमवार को किम जोंग उन के निमंत्रण पर दो दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए उत्तर कोरिया पहुंचे। पिछले सात वर्षों में यह उनकी पहली उत्तर कोरिया यात्रा है।
बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने कहा, 'सात साल बाद एक बार फिर प्योंगयांग आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैं किम जोंग उन के साथ मिलकर चीन-उत्तर कोरिया संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहता हूं। हमारा लक्ष्य दोनों देशों और उनके लोगों के हित में काम करना है तथा क्षेत्र और दुनिया में शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि को बढ़ावा देना है।'
किम जोंग उन ने कहा कि इस वर्ष शी जिनपिंग की यह पहली विदेश यात्रा है और उन्होंने इसके लिए उत्तर कोरिया को चुना है। यह दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती और करीबी संबंधों का प्रमाण है।
किम ने कहा, 'शी जिनपिंग द्वारा इस साल की पहली विदेश यात्रा के लिए प्योंगयांग का चयन करना चीन-उत्तर कोरिया संबंधों को दिए जाने वाले महत्व और दोनों देशों की गहरी मित्रता को दर्शाता है। यह हमारे लिए बहुत बड़ा प्रोत्साहन है।'
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर कोरिया और चीन हमेशा इतिहास के सही पक्ष, यानी स्वतंत्रता और न्याय के पक्ष में खड़े रहे हैं। साथ ही यह यात्रा दुनिया को दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, दोनों देशों के बीच वर्षों पुरानी दोस्ती और संबंध अटूट बने रहेंगे।
