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चीन में Doksuri तूफान के कारण जबरदस्त तबाही, बाढ़ में ढहा पुल, Daxing Airport बना समंदर

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 1, 2023, 08:44 AM IST

China Flood News: चीन में भयानक तूफान के जो वीडियो सामने आए हैं, उसमें गाड़ियों को बहते हुए साफ देखा जा सकता है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भारी बारिश के कारण सोमवार को बीजिंग में ज़ियाओकिंघे पुल ढह गया, जिस कारण पुल पर पर खड़े सात से आठ वाहन पानी में तैरते नजर आए।

China Flood News: चीन में Doksuri तूफान के कारण भारी तबाही हुई है। यहां की राजधानी बीजिंग के कई खतरनाक और रोंगटे खड़े करने वाले वीडियो सामने आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, चीन में Doksuri तूफान के कारण बीजिंग समेत उत्तरी इलाकों में बाढ़ आ गई है। कई क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। इस कारण 40 हजार से ज्यादा लोगों विस्थापित करना पड़ा है।

चीन में भयानक तूफान के जो वीडियो सामने आए हैं, उसमें गाड़ियों को बहते हुए साफ देखा जा सकता है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भारी बारिश के कारण सोमवार को बीजिंग में ज़ियाओकिंघे पुल ढह गया, जिस कारण पुल पर पर खड़े सात से आठ वाहन पानी में तैरते नजर आए। गनीमत रही कि इस दौरान कोई वाहन चालक कार में मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।

डैक्सिंग एयरपोर्ट पर भी भरा पानी

चीन की राजधानी बीजिंग से गए और वीडियो सामने आया है। यहां डैक्सिंग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बाढ़ के कारण पानी भर गया है। रनवे पूरी तरह से जलमग्न हो गया, जिस कारण उड़ानों को भी रद्द करना पड़ा है। चीन के बाढ़ नियंत्रण अधिकारियों ने बीजिंग, तियानजिन, हेबेई, शांक्सी, हेनान प्रांत के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स ऑर्डर को लेवर-2 पर अपग्रेड किया है। बताया जा रहा है कि बाढ़ के कारण ट्रेन और हवाई सेवाएं काफी हद तक प्रभावित हुई हैं। इससे यात्रियों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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