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इंडिया आउट का नारा देने वाले मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू जा रहे चीन दौर पर, होंगे कई समझौतों पर हस्ताक्षर

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jan 8, 2024, 06:45 AM IST

भारत विरोधी रुख के चलते ही मुइज्जू को चीन समर्थक माना जाता है। अपने चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने 'इंडिया आउट' का नारा दिया था।

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चीन के दौरे पर जा रहे हैं मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू।

Photo : PTI

Mohamed Muizzu: मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू आठ जनवरी को चीन की यात्रा पर आ रहे हैं और इस दौरान शी जिनपिंग और मुइज्जू देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी करेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि राष्ट्रपति शी आठ-12 जनवरी तक राजकीय यात्रा पर आ रहे मुइज्जू के स्वागत में भोज देंगे। दोनों राष्ट्राध्यक्ष बातचीत करेंगे और सहयोग दस्तावेजों के हस्ताक्षर समारोह में भाग लेंगे।

पहले भारत दौरे पर आने की रही है परंपरा

मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद मोहम्मद मुइज्जू लगातार भारत के हितों के खिलाफ जाकर बयान देते रहे हैं। उनकी कार्यशैली और बयान दोनों देशों के ऐतिहासिक एवं दोस्ताना रिश्ते के लिए ठीक नहीं माना जा रहा है। चीन के प्रति अपने झुकाव के सवाल पर उन्होंने कहा था कि वह केवल मालदीव के हितों का पालन करने के लिए बीजिंग दौरे पर जा रहे हैं। खास बात यह है कि मालदीव में लोकतांत्रिक रूप से जो भी नया राष्ट्रपति चुना जाता है, पारंपरिक रूप से उसका पहला आधिकारिक दौरा भारत का होता है लेकिन मुइज्जू इस परंपरा के विपरीत पहले चीन के दौरे पर जा रहे हैं। राष्ट्रपति बनने के तुरंत बाद मुइज्जु ने तुर्की का दौरा किया था। चीन और तुर्की दोनों भारत के हितों के खिलाफ काम करते आए हैं। इन दोनों देशों के साथ मुइज्जू की नजदीकी यह दर्शाती है कि वह भारत विरोधी खेमे में लामबंद हो रहे हैं।

तुर्की-चीन से बढ़ा रहे नजदीकी

दरअसल, 2008 में मालदीव में बहुदलीय लोकतंत्र की शुरुआत के बाद एक नई परंपरा विकसित हुई। मालदीव का हर राष्ट्रपति चाहे वह मोहम्मद वहीद हों या अब्दुल्ला यामीन दोनों पहले भारत आए और फिर किसी अन्य देश के दौरे पर गए। इन दोनों को भी भारत विरोधी माना गया। विशेषज्ञों का मानना है कि तुर्की जैसे देशों की यात्रा कर मुइज्जू ने यह संकेत दिया है कि उनका देश विकास के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा। इसलिए उन्होंने भारत और चीन के बाद तुर्की से नजदीकी बढ़ाई है।

मालदीव में रहते हैं करीब 25,000 भारतीय

भारत विरोधी रुख के चलते ही मुइज्जू को चीन समर्थक माना जाता है। अपने चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने 'इंडिया आउट' का नारा दिया था। इस चुनाव में उन्हें 53 फीसदी वोट मिले जबकि भारत समर्तक मोहम्मद सालेह को 46 प्रतिशत वोट मिले। ऐसे कई मौके आए जब मुइज्जू ने भारत विरोधी बयान दिया। मुइज्जू का संभावित चीन दौरा उनके भारत विरोधी रुख को और मजबूत करने वाला होगा। जाहिर है कि मालदीव के राष्ट्रपति के चीन दौरे पर भारत की करीबी नजर रहेगी। भारत और मालदीव के बीच करीबी संबंध हैं। मालदीव में जब भी संकट आया भारत ने बढ़-चढ़कर उसकी मदद की। करीब 1100 द्वीपों वाले इस देश में 25,000 भारतीय रहते हैं। शिक्षा, चिकित्सा, मनोरंजन और कारोबार के लिए मालदीव के लोगों के लिए भारत एक पसंदीदा स्थान है। भारत से हर साल लाखों की संख्या में लोग छुट्टियां मनाने मालदीव जाते हैं।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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