PM Modi BRICS NSA Meet: 'बदलते वैश्विक परिदृश्य' के बीच आतंकवाद और साइबर सुरक्षा जैसी साझा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत की राजधानी नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) देशों के सुरक्षा प्रमुख जुटे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSAs) और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने आज की अनिश्चित भू-राजनीतिक स्थितियों में वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स समूह की बढ़ती भूमिका पर विशेष जोर दिया।
उभरती टेक्नोलॉजी और आतंकवाद पर हुआ मंथन
यह महत्वपूर्ण बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य फोकस पारंपरिक सुरक्षा के साथ-साथ गैर-पारंपरिक खतरों पर था। इसमें आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती हुई तकनीकों से जुड़े जोखिमों पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने कहा कि ब्रिक्स वर्तमान में एक ऐसा महत्वपूर्ण मंच बन चुका है जो तेजी से बदलते वैश्विक माहौल में सुरक्षा सहयोग को मजबूत कर सकता है। उन्होंने सभी ग्यारह सदस्य देशों-भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)से आपसी सहयोग बढ़ाने की अपील की।
अजीत डोभाल ने ब्रिक्स को बताया 'खास गठबंधन'
एनएसए अजीत डोभाल ने ब्रिक्स को एक 'बेहद खास गठबंधन' करार देते हुए इसके विस्तार पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सदस्य और भागीदार अर्थव्यवस्थाओं की दुनिया में एक बेहद खास भूमिका है। इस बैठक में रूस के सुरक्षा परिषद सचिव सर्गेई शोइगु, चीनी विदेश मंत्री वांग यी और अन्य सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान अजीत डोभाल ने कई देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं।
भारत की चौथी अध्यक्षता
साल 2026 में भारत चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, जो "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता" (BRICS 2026 थीम) के सिद्धांत पर आधारित है। ब्रिक्स का दायरा अब सिर्फ आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक-सुरक्षा, वित्तीय और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे तीन मजबूत स्तंभों पर आगे बढ़ रहा है।
