रूस को क्रीमिया से जोड़ने वाले एक प्रमुख ब्रिज पर शनिवार को बड़ा हमला हुआ है। इस हमले में ब्रिज का एक हिस्सा टूट गया है, साथ ही उस समय वहां से गुजर रही एक ट्रेन में भी आग लग गई है।
एपी के अनुसार रूसी अधिकारियों ने कहा कि शनिवार को ब्रिज पर एक ट्रक बम विस्फोट हुआ है। रूस की राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी समिति ने कहा कि ट्रक बम के कारण ईंधन ले जा रही सात रेलवे डब्बों में आग लग गई। साथ ही हमले के कारण पुल के दो खंड आंशिक रूप से गिर गए है। रूस के ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि क्रीमिया के पास 15 दिनों के लिए पर्याप्त ईंधन है। स्टॉक को फिर से भरने के तरीकों पर रूस काम कर रहा है।
जिस पुल पर हमला हुआ है, वो रूस की जीत की निशानी के तौर पर जानी जाती थी। दरअसल रूस ने क्रीमिया पर 2014 में कब्जा कर लिया था। क्रीमिया भी पहले यूक्रेन का ही हिस्सा था। इसी कब्जे के बाद पुतिन ने यह ब्रिज बनवाया था। यह ब्रिज रूस की शान भी कहा जाता था। यह ब्रिज यूरोप का सबसे लंबा पुल था।
रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग में यह पुल रूसी सैनिकों के लिए काफी मददगार है। इसी पुल के जरिए ज्यादातर सैनिक सहायता रूस भेज रहा है। अगर यह पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाता है तो यूक्रेन के अंदर घुसी पुतिन की सेना के लिए रसद और हथियारों की कमी हो सकती थी।
जिस पुल पर विस्फोट हुआ है, वो यूक्रेन के निशाने पर काफी समय था। रूस को भी इस बात की भनक थी, इसलिए उसने इसकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रखा था, लेकिन इसके बाद भी इस ब्रिज पर हमला हो ही गया। अभी तक हमले को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है कि किसने ये अटैक किया है, लेकिन हमले के लिए सबसे ज्यादा यूक्रेन पर शक किया जा रहा है। वहीं यूक्रेन की तरफ से भी इस मामले को लेकर कोई दावा नहीं किया गया है।
इस पुल का निर्माण इस तरह से किया गया है कि इसके एक खंड से ट्रेन गुजरती है और दूसरे से गाड़ियां। इस हमले के बाद अधिकारियों ने अगली सूचना तक पुल पर यात्री ट्रेन यातायात को निलंबित कर दिया। पुतिन को विस्फोट के बारे में सूचित किया गया है और उन्होंने आपातकाल से निपटने के लिए एक सरकारी पैनल बनाने का आदेश दिया।
