बांग्लादेश में छात्र से नेता बने शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद एक फिर हिंसा का दौर शुरू हो गया है। हादी को बीते 12 दिसंबर को पुराना पलटन में कैंपेनिंग के दौरान गोली मार दी गई थी। जिसके बाद सिंगापुर में इलाज के दौरान बीती रात हादी की मौत हो गई। हादी की मौत की खबर आते ही बांग्लादेश में हालात बेकाबू हो गए। कई जगहों से हिंसा की खबरें आई हैं। इस बीच हादी की मौत को लेकर एक चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि हादी की हत्या फैसल करीम मसूद नाम के युवक ने की थी। वह शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की छात्र शाखा का पूर्व नेता है। वहीं, यह भी सामने आया है कि उसने हादी को गोली मारने से एक दिन पहले ही अपनी प्रेमिका के सामने अपने इशारे जाहिर किए थे। उसने अपनी गर्लफ्रैंड से कहा था, कल कुछ ऐसा करूंगा कि पूरा देश हिल जाएगा।'
कौन है शेख हसीना की विरोधी हादी का हत्यारा
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि चुनाव अभियान के दौरान उस्मान हादी को फैसल करीम मसूद नाम के युवक ने गोली मार दी थी। उसने हादी की हत्या के मकसद से ही उनके चुनाव अभियान में शामिल हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब मसूद ने हादी को गोली मारी तब उसके साथ आलमगीर नाम का एक अन्य युवक भी साथ में था। फैसल मसूद शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की छात्र शाखा का पूर्व नेता है।मसूद को लगभग एक साल पहले एक स्कूल में हुई सशस्त्र डकैती के सिलसिले में विदेशी पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनमें दावा किया गया है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने फैसल के माता-पिता,पत्नी और प्रेमिका सहित कई लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन फैसल अभी तक फरार है।'कल बांग्लादेश हिल जाएगा'
वहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया है कि गोली चलने से पहले ही फैसल ने अपनी प्रेमिका मारिया अख्तर लीमा को इस हमले के बारे में संकेत दे दिया था। अखबार डेली जुगंतोर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ढाका के बाहर एक रिसॉर्ट में ठहराते हुए फैसल ने मारिया से कहा था कि अगले दिन वह कुछ ऐसा करेगा कि पूरा बांग्लादेश हिल जाएगा। यह बयान मारिया समेत गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के दौरान और जांच से जुड़े सूत्रों से सामने आया। अधिकारियों का कहना है कि इससे पता चलता है कि हादी पर किया गए गए हमले की पहले से ही योजना बना ली गई थी। जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि एक पूर्व पार्षद ने हत्या की कोशिश की साजिश रची थी, जिसमें कम से कम 20 लोग शामिल थे। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में नौ लोगों की गिरफ्तारी की है।
हत्या के बाद ढाका लाया गया शव
सिंगापुर में मौत के बाद हादी के शव को ढाका लाया जा चुका है। बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस के प्रवक्ता बोशरा इस्लाम ने बताया कि ताबूत लेकर बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की एक फ्लाइट हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शाम करीब 5:48 बजे लैंड हुई। सिंगापुर के चांगी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट बीजी 585 ने सिंगापुर के समयानुसार शाम 4:03 बजे टेकऑफ किया। यानी कि ढाका टाइम के हिसाब से दोपहर 2:03 बजे सिंगापुर एयरपोर्ट से हादी के पार्थिव शरीर को लेकर विमान ने उड़ान भरी।

शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन (फोटो: ANI)
आज संसद भवन में पढ़ी जाएगी जनाजे की नमाज
इस बीच बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी है कि शनिवार को उनके जनाजे की नमाज संसद भवन में पढ़ी जाएगी। यूनुस ने एक्स पर लिखा कि शहीद उस्मान हैदर की जनाजा की नमाज कल दोपहर 2:30 बजे होगी। 19 दिसंबर 2025 को ढाका में दोपहर 2:30 बजे शहीद उस्मान हैदर के लिए जनाजा की नमाज जातीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में होगी। जो लोग शहीद उस्मान हैदर की जनाजा की नमाज में शामिल होना चाहते हैं, उनसे खास तौर पर अपील है कि वे कोई बैग या भारी सामान न ले जाएं। साथ ही, सभी संबंधित लोगों की जानकारी के लिए यह बताया जाता है कि इस दौरान संसद भवन और आस-पास के इलाकों में ड्रोन उड़ाना पूरी तरह से मना है।

उस्मान हादी की सिंगापुर में मौत। (Photo: X)
शेख हसीना के विरोधी थे हादी
जुलाई 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान सुर्खियों में आए शरीफ उस्मान हादी की गुरुवार को मौत हो गई। गत 12 दिसंबर को ढाका में उन पर जानलेवा हमला उस समय हुआ जब वह पलटन इलाके में कलवर्ट रोड पर बैटरी से चलने वाले ऑटो रिक्शा से जा रहे थे। बताया जाता है कि बाइक सवार हमलावरों ने हादी के सिर में गोली मारी। बुरी तरह जख्मी हादी को इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से सिंगापुर ले जाया गया और उन्हें एसजीएच अस्पताल में भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की जी-तोड़ मेहनत की। इलाज के दौरान ही हादी की मौत हो गई। उनकी मौत की खबर जैसे ही बांग्लादेश पहुंची, उनके समर्थक सड़कों पर आ गए और उपद्रव मचाने लगे।

भारत विरोधी उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में प्रदर्शन तेज।
कई किताबें भी लिख चुके थे 32 साल के हादी
हादी का जन्म झलकाठी जिले में हुआ था और उनके पिता एक मदरसा टीचर थे। हादी की शुरुआती पढ़ाई नेसराबाद कामिल मदरसे में हुई। 32 साल के हाथी ढाका यूनिवर्सिटी में राजनीतिशास्त्र के छात्र थे। उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं। उस्मान ने बीएनपी के खिलाफ भी आवाज उठाई थी। हादी हसीना के खिलाफ चलने वाले आंदोलन के मुख्य चेहरों में से एक थे। उन्होंने इंकलाब मंच का गठन किया था। आंदोलन के बाद बांग्लादेश के युवाओं में उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई थी। हादी ने देश के आम चुनाव में निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ने की भी घोषणा की थी। वह ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से अपना चुनाव प्रचार भी कर रहे थे। बताया जाता है कि चुनाव प्रचार के दौरान ही उन पर हमला हुआ। हादी के इंकलाब मंच को एक चरमपंथी संगठन माना जाता है। माना यह भी जाता है कि हसीना की पार्टी अवामी लीग को कमजोर एवं उसे तितर-बितर करने में इस मंच की अहम भूमिका रही। बाद में यूनुस सरकार ने अवामी लीग का रजिस्ट्रेशन रद्द करत हुए उसके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी।
