VIDEO: त्योहार, म्यूजिक, पतंग... अब बांग्लादेश में मकर संक्रांति मनाने पर लगी रोक! कट्टरपंथियों ने क्या दी धमकी?
- Edited by: Piyush Kumar
- Updated Jan 16, 2026, 08:16 AM IST
बांग्लादेश में उत्तरायण/मकर संक्रांति को लेकर कट्टरपंथी संगठनों के विरोध से तनाव बढ़ गया है। पतंग उड़ाने और संगीत बजाने पर कार्रवाई की धमकियों से अल्पसंख्यक समुदाय में डर और चिंता है, जबकि प्रशासन ने फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिबंध नहीं लगाया है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
बांग्लादेश में एक बार फिर कट्टरपंथियों ने अल्पसंख्यकों को दी धमकी।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल)
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार कम होने का नाम नहीं ले रहा। इसी बीच बांग्लादेश में उत्तरायण/मकर संक्रांति को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ कट्टरपंथी संगठनों ने इस पर्व के आयोजन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और सार्वजनिक रूप से पतंग उड़ाने या संगीत बजाने पर कार्रवाई की धमकी दी गई है।
कट्टरपंथियों ने त्योहार मनाना बताया गैर जरूरी
बताया जा रहा है कि राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए, जहां प्रदर्शनकारियों ने मकर संक्रांति को “गैर-जरूरी” बताते हुए इसके सार्वजनिक आयोजन पर आपत्ति जताई कुछ जगहों पर पोस्टर और सोशल मीडिया संदेशों के जरिए लोगों को चेतावनी दी गई कि अगर किसी ने पतंग उड़ाई या तेज संगीत बजाया तो उसके खिलाफ कदम उठाए जाएंगे।
अल्पसंख्यक समुदाय ने क्या कहा?
इस घटनाक्रम के बाद अल्पसंख्यक समुदाय और सांस्कृतिक संगठनों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि मकर संक्रांति/उत्तरायण एक पारंपरिक और सांस्कृतिक पर्व है, जिसे शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाता रहा है और इस तरह की धमकियां सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं।
हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिबंध घोषित नहीं किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। वहीं, मानवाधिकार संगठनों ने सरकार से अपील की है कि वह लोगों की धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता की रक्षा सुनिश्चित करे।
हिंदू शिक्षक को बनाया गया निशाना
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में सिलहट जिले के गोवाइनघाट इलाके में एक हिंदू शिक्षक के घर को निशाना बनाकर आगजनी की गई। जानकारी के अनुसार, बहोर गांव में रहने वाले शिक्षक बिरेंद्र कुमार डे, जिन्हें स्थानीय लोग ‘झुनू सर’ के नाम से जानते हैं, के घर पर देर रात असामाजिक तत्वों ने हमला किया। हमलावरों ने घर में आग लगा दी, जिससे संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि घटना के समय परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।