दुनिया

बांग्लादेश के मुखिया बनते ही पाक-साफ होने लगे मोहम्मद यूनुस, भ्रष्टाचार मामले में हुए बरी

Muhammad Yunus Acquitted in Corruption case: बांग्लादेश की एक अदालत ने अंतरिम सरकार के चीफ मोहम्मद यूनुस को भ्रष्टाचार के एक मामले में बरी कर दिया है। इससे पहले 7 अगस्त को ढाका की एक अदालत ने उन्हें श्रम कानून उल्लंघन के एक मामले में बरी किया था। उनके अलावा सरकार में शामिल नूरजहां बेगम को भी बरी किया गया है।

Image

भ्रष्टाचार मामले में बरी हुए मुहम्मद यूनुस।

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Muhammad Yunus Acquitted in Corruption case: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया बनते ही मोहम्मद यूनुस अपनी छवि को साफ करने में जुट गए हैं। एक के बाद एक केस में उन्हें बरी किया जा रहा है। खबर के मुताबिक मोहम्मद यूनुस को भ्रष्टाचार निरोधक आयोग द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले में रविवार को बरी कर दिया गया। डेली स्टार समाचार पत्र ने इसकी पुष्टि की है। रिपोर्ट में भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि ढाका के विशेष न्यायाधीश न्यायालय-4 के न्यायाधीश मोहम्मद रबीउल आलम ने भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 494 के तहत मामले में अभियोजन वापस लेने की मांग की गई थी।

इससे पहले सात अगस्त को ढाका की एक अदालत ने श्रम कानून उल्लंघन के एक मामले में मोहम्मद यूनुस को बरी कर दिया था। उनके अलावा ग्रामीण टेलीकॉम के तीन शीर्ष अधिकारियों अशरफुल हसन, एम शाहजहां और नूरजहां बेगम को भी बरी किया गया था। बता दें, नूरजहां बेगम बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की 16 सदस्यीय सलाहकार परिषद की सदस्य हैं, जो राज्य के मामलों को चलाने में यूनुस की सहायता करेंगी।

शेख हसीना शासन में मोहम्मद यूनुस पर दर्ज हुए थे कई मामले

बता दें, जाने-माने अर्थशास्त्री और नोबेल प्राइज विनर मोहम्मद यूनुस ने तीन दिन पहले बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के चीफ के रूप में शपथ ग्रहण की थी। शेख हसीना सरकार में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के दर्जनों मामले दर्ज किए गए थे। कहा जाता है कि 2007 में जब बांग्लादेश में सेना समर्थित सरकार चल रही थी, तब शेख हसीना जेल में थीं। इसी दौरान मोहम्मद यूनुस ने नई पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया था, जिससे हसीना नाराज हो गई थीं। हालांकि, बाद में यूनुन ने नया राजनीतिक दल बनाने से किनारा कर लिया था। हसीना ने यूनुस को गरीबों का खून चूसने वाला तक करार दिया था।

संतुलित विदेश नीति बनाएगी अंतरिम सरकार

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा है कि वह एक संतुलित विदेश नीति बनाए रखेगी। साथ ही यह भी कहा कि बांग्लादेश भारत और चीन सहित सभी के साथ सुचारू और सकारात्मक संबंध बनाए रखना चाहता है। अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने विदेश मंत्रालय में अपनी पहली प्रेस वार्ता के दौरान कहा, "हमारी नीति अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए सभी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की है। हुसैन ने कहा कि यह मानना निरर्थक है कि यह अंतरिम सरकार केवल किसी विशेष दिशा पर ही केंद्रित है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article