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'भारत से दुश्मनी मत करो नहीं तो...', शेख हसीना का फूटा मोहम्मद यूनुस पर गुस्सा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार और उसके प्रमुख प्रो. मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश की प्रशासनिक बागडोर कट्टरपंथी ताकतों के हाथों में है। उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों, महिलाओं और उनकी पार्टी अवामी लीग के समर्थकों पर हिंसा बढ़ रही है, जबकि अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।

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शेख हसीना ने मोहम्मद यूनुस पर निशाना साधा।(फोटो सोर्स: AP)

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बार फिर वहां की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उनके नियंत्रण में बांग्लादेश की प्रशासन नहीं हैं। साथ ही आतंकी गुटों से जुड़े इस्लामवादी गुटों को कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने की खुली छूट दी जा रही है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले: शेख हसीना

द वीक मैगजीन के लिए लिखे अपने लेख में अवामी लीग नेता ने कहा कि बांग्लादेश कभी धार्मिक सहिष्णुता और धर्मनिरपेक्षता का गढ़ हुआ करता था, लेकिन अब वहां धार्मिक अल्पसंख्यकों, महिलाओं, बच्चियों और उनकी पार्टी के समर्थकों को निशाना बनाते हुए घृणित हिंसा की दैनिक घटनाएं देखने को मिल रही है।

उन्होंने हिंदू, बौद्ध, ईसाई और आदिवासी समुदायों पर हमले को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि मंदिरों, मठों और पूजा स्थलों को नष्ट किया जा रहा है, जबकि अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही. हसीना ने कहा कि हत्याएं, बलात्कार, लूट और आगजनी अब आम बात हो गई हैं।

'राष्ट्रप्रमुख के पास कोई निर्वाचित जनादेश नहीं'

उन्होंने कहा कि जब हमारे देश पर ऐसे राष्ट्रप्रमुख का शासन हो, जिसके पास कोई निर्वाचित जनादेश नहीं है, जिसने सबसे लोकप्रिय राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगा दिया है। अपने ही करोड़ों नागरिकों को मताधिकार से वंचित कर दिया है और हमारी संविधान व्यवस्था को एक असंवैधानिक चार्टर से खतरे में डाल दिया है , तब सच्चा लोकतंत्र संभव ही नहीं है।

इससे पहले द हिन्दू को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी 'गलती' भी मानी है। उन्होंने कहा कि 'विद्रोह को हैंडल करने में सुरक्षाबलों से निश्चित तौर पर गलतियां हुई हैं।' द हिंदू को दिए एक लिखित इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा कि उन्हें इस बात पर "संदेह" है कि बांग्लादेश में फरवरी 2026 में चुनाव होंगे या नहीं। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव हुए भी, तो उन्हें वैध नहीं माना जाएगा क्योंकि उनकी पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा हुआ है।

'भारत से दुश्मनी बांग्लादेश के हित में नहीं'

शेख हसीना ने भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में आई खटास पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध गहरे और विस्तृत हैं. अधिकांश बांग्लादेशी भारत के प्रति शत्रुता को स्वीकार नहीं करते। मैं भारतीय लोगों की आभारी हूं कि उन्होंने मुझे सुरक्षित शरण दी। बांग्लादेश की अपदस्थ पीएम ने कहा कि भारत से दुश्मनी उनके देश के हित में नहीं है।

हां, मुझसे गलतियां हुई...

शेख हसीना ने कहा कि जमीनी स्तर पर तैनात हमारे सुरक्षाकर्मी तेजी से बदलती और हिंसक परिस्थितियों का सामना कर रहे थे। सुरक्षा बलों के कुछ सदस्यों ने हिंसा का जिस तरह से जवाब दिया, उसमें जरूर गलतियां हुईं, लेकिन वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों द्वारा लिए गए फैसले उचित प्रकृति के थे।

शेख हसीना ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के करीबी तत्वों द्वारा कथित हिंसा की जांच की मांग की है।

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Piyush Kumar
Piyush Kumar Author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

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