बांग्लादेश: हिंदू लड़के की पीट-पीटकर हत्या के मामले में 10 लोग गिरफ्तार, यूनुस ने 'जघन्य अपराध' की निंदा की
- Edited by: Nitin Arora
- Updated Dec 21, 2025, 07:10 AM IST
भलुका, मैमनसिंह में एक गुस्साई भीड़ ने दीपू चंद्र दास नाम के एक युवा गारमेंट फैक्ट्री वर्कर की पीट-पीटकर हत्या कर दी। उस पर ईशनिंदा का आरोप लगाया और उसे आग लगा दी। यूनुस के शासन में बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की कमी और भीड़तंत्र का यह एक चौंकाने वाला उदाहरण था।
दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला (PTI)
Bangladesh Unrest: बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति की हत्या के सिलसिले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुसने शनिवार को यह जानकारी दी। यूनुस ने X पर एक बयान में कहा कि 10 में से सात को रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने गिरफ्तार किया, जबकि तीन को पुलिस ने इस मामले में संदिग्ध के तौर पर गिरफ्तार किया।
उन्होंने कहा कि RAB और पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग जगहों पर ऑपरेशन चलाए। गिरफ्तारियां अलग-अलग जगहों पर ऑपरेशन के दौरान की गईं और गिरफ्तार किए गए लोगों की उम्र 19 से 46 साल के बीच थी।
घटना के बारे में जानकारी
भलुका, मैमनसिंह में एक गुस्साई भीड़ ने दीपू चंद्र दास नाम के एक युवा गारमेंट फैक्ट्री वर्कर की पीट-पीटकर हत्या कर दी। उस पर ईशनिंदा का आरोप लगाया और उसे आग लगा दी। यूनुस के शासन में बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की कमी और भीड़तंत्र का यह एक चौंकाने वाला उदाहरण था। हिंदू युवक को बेरहमी से मार डाला गया और फिर लोगों के सामने उसकी लाश को आग लगा दी गई। उसको पेड़ से बांधा गया था।
भलुका पुलिस के ड्यूटी ऑफिसर रिपन मिया ने BBC बांग्ला को बताया, 'गुरुवार को, रात करीब 9 बजे, एक गुस्साई भीड़ ने उसे पकड़ लिया और पैगंबर के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाकर पीट-पीटकर मार डाला। फिर उन्होंने लाश को आग लगा दी।'
इस घटना से गुस्सा भड़का और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। बता दें कि जब से यूनुस केयरटेकर सरकार के मुखिया बने हैं तब से अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर कई हमले हुए हैं।
शुक्रवार को अंतरिम सरकार ने एक बयान में मैमनसिंह शहर में हिंदू व्यक्ति की लिंचिंग की निंदा करते हुए कहा कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। बयान में यह भी कहा गया कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।